इमरान खान सरकार ने चीन के साथ CPEC डील्स को अनुचित करार दिया

पीओके से गुजर रहे चीन-पाक आर्थिक गलियारे को लेकर चीन की चालाकी पाकिस्तान को शायद समझ में आने लगी है। पाकिस्तान की नई इमरान खान सरकार ने चीन के साथ CPEC डील्स को अनुचित करार दिया है।
यूके के प्रमुख अखबार फाइनैंशल टाइम्स ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान ने इस डील्स को ‘अनफेयर’ कहा है क्योंकि चीन-पाक आर्थिक गलियारे को लेकर किए गए समझौते से चीनी कंपनियों को जबर्दस्त फायदा हो रहा है। द न्यूज़ इंटरनेशनल ने यूके डेली के हवाले से खबर भी प्रकाशित की है।
यूके डेली ने पाक अधिकारियों के हवाले से बताया कि इमरान सरकार चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशटिव (BRI) में अपनी भूमिका की समीक्षा करेगी और एक दशक से भी पहले हुए ट्रेड एग्रीमेंट को फिर से तय किया जाएगा। प्रधानमंत्री इमरान खान के वाणिज्य, कपड़ा, उद्योग और उत्पादन व निवेश मामलों के सलाहकार अब्दुल रज्जाक दाऊद ने कहा, ‘CPEC पर चीन के साथ डील करते हुए पाकिस्तान की पिछली सरकार ने काफी गलतियां की हैं। उन्होंने होमवर्क सही तरीके से नहीं किया और इससे ज्यादा से ज्यादा लाभ हो, ऐसा समझौता नहीं किया गया।’
इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इमरान खान ने रविवार को कहा कि चीन के साथ सदाबहार मित्रता पाकिस्तान की विदेश नीति की आधारशिला है। इस दौरान उन्होंने 50 अरब डॉलर के विवादित CPEC प्रोजेक्ट को लागू करने की प्रतिबद्धता भी जताई। उधर, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने खान से मुलाकात कर नई सरकार के साथ संबंधों को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की है।
हालांकि खान के सलाहकार द्वारा यूके डेली को दिए गए अलग बयान से ऐसा लगता है कि पाकिस्तान की नई हुकूमत में CPEC को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है। पाक पीएम के सलाहकार दाऊद ने कहा, ‘चीनी कंपनियों को टैक्स में छूट के साथ ही पाकिस्तान में कई फायदे मिल रहे हैं। हम इन सब चीजों को देख रहे हैं क्योंकि यह अनुचित है कि पाकिस्तान की कंपनियों को घाटा हो।’
उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा मानना है कि हमें सब कुछ एक साल के लिए होल्ड करना चाहिए जिससे आगे की बात की जा सके।’ आपको बता दें कि प्रधानमंत्री बनने से पहले खान ने CPEC के बारे में ज्यादा अच्छी बातें नहीं कही थीं। उनकी सबसे बड़ी चिंता पारदर्शिता और CPEC के प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार को लेकर थी। हालांकि पीएम की कुर्सी संभालते ही ऐसा लग रहा है कि CPEC को लेकर उनके तेवर नरम पड़ गए।
पाकिस्तान के डेली टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक आम चुनाव से पहले जुलाई में एक चीनी अखबार को दिए इंटरव्यू में इमरान खान ने कहा था कि कॉरिडोर प्रोजेक्ट से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं।
आपको बता दें कि कर्ज में डूबे पाकिस्तान में सीपीईसी प्रोजेक्ट को लेकर बहस शुरू हो गई है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि चीन के कर्ज ने पाकिस्तान को गहरे संकट में फंसा दिया है। हालांकि हाल में पाकिस्तान पहुंचे चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि प्रोजेक्ट के कारण पाकिस्तान पर कर्ज थोपा नहीं गया।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »