सही मार्गदर्शन मिल जाए तो नरेन्द्र जैसे साधारण बालक भी स्वामी विवेकानन्द बन सकते हैं: मानसमर्मज्ञ अतुलकृष्‍ण

If you find the right guidance, then ordinary child like Narendra can become Swami Vivekananda: Manjarmarmik Atulkrishna
सही मार्गदर्शन मिल जाए तो नरेन्द्र जैसे साधारण बालक भी स्वामी विवेकानन्द बन सकते हैं: मानसमर्मज्ञ अतुलकृष्‍ण

मथुरा । धर्म जागरण समन्वय के तत्वावधान में श्रीकृष्‍ण-जन्मभूमि के लीलामंच पर आयोजित श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास मानसमर्मज्ञ पूज्य अतुलकृष्‍णजी महाराज ने वाणी की महत्ता पर प्रकाया डालते हुए वाणी के अनेक अग बताये । उन्होंने सद्गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यदि सही मार्गदर्शन मिल जाए तो नरेन्द्र जैसे साधारण बालक भी स्वामी विवेकानन्द बन सकते हैं । ऐसे अनेक उदाहरण हैं । जीवन कैसे जियें, यह भगवान श्रीराम ने अपने आवरण से बताया और वे अनंकरणीय बने ।

श्रीअतुलकृष्‍णजी ने जीवन को मंगलमय बनाने का सूत्र बताते हुए कहा कि भाव को सुन्दर रखने से, मंगलमय रखने से व अधिक सुनने से, सोच-समझकर कम बोलने से जीवन को मंगलमय, आनन्दमय बनायें और जीवन के प्रत्येक भाग की सुरक्षा करें ।

व्यास पीठ से अमृत वर्षा करते हुए पूज्य अतुलकृष्‍णजी ने रामचरित मानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदासजी के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला । घर में आननन्दमय वातावरण बनाने के लिए उन्होंने सभी परिवारीजन को सांयकाल का भोजन ऐ साथ बैठकर करने का परामर्ष दिया । आगे उन्होंने भक्त प्रहलाद के वरित्र की चर्चा करते हुये नृसिंह लीला व हिरष्यकष्यप वध का सुन्दर वर्णन किया ।
इससे पूर्व कथा के मुख्य यजमान श्रीमती आशा व अनिल अग्रवाल प्रेस वालों ने व्यासपीठ का पूजन किया व मंगलाचरण के साथ कथा का षुभारंभ धर्मजागरण विभाग के अखिल भारतीय प्रमुख राजेन्द्र जी द्वारा व्यासजी को माल्यार्पण के उपरांत हुआ ।

कथा मंच पर पधारे सुदामा कुटी के महन्त सुतीक्ष्णदासजी महाराज व श्रीजी पीठ से पधारे संत श्रीराजा बाबा को आयोजन समिति के संरक्षक गोपेष्वरनाथ चतुर्वेदी व मंत्री महावीर मित्तल द्वारा षाल भेंट कर व कथा के संयोजकद्वय विजय बहादुर सिंह व योगेष आवा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर यम्मानित किया । इस अवसर पर डा. चन्द्रभान गुप्त, डा. रोषनलाल, पूर्व मंत्री रविकान्त गर्ग, देवेन्द्र सिंह राठौर,नवीन मित्तल,श्रीनन्दकिषोर अग्रवाल, ओमप्रकाष बंसल, मोहनलाल कौषिक, ठा. ओप्रकाष सिंह, कृश्णदयाल अग्रवाल, सी.पी. सिंह, अमर सिंह वर्मा, चरतलाल अग्रवाल, माहनलाल मिठाई वाले, उमेष आढ़तिया, घनष्याम हरियाणा, डा. संजय अग्रवाल आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही ।

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