सिंगल हैं तो क्‍या गम है, अपने हिसाब से जी सकते हैं लाइफ

सिंगल होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कोई आपसे प्यार नहीं करता बल्कि सिंगल होने का मतलब यह है कि आप अपने हिसाब से अपनी लाइफ को चलाना चाहते हैं।
ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि एक रिलेशनशिप की तुलना में सिंगल होना क्यों बेहतरीन हैं।
किसी ने खूब कहा है कि सिंगल होकर भी जिंदगी का लुत्फ उठाया जा सकता है। जी हां, यह बात सुनने में थोड़ी अटपटी जरूर लग सकती है लेकिन ऐसा सच है। ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है कि खुश रहने के लिए या बेहतर जिंदगी बिताने के लिए हमें किसी और के साथ की जरूरत है। हम चाहें तो सिंगल रहकर भी हर पल जिंदगी को खुशनुमा बना सकते हैं। हालांकि, हम ऐसा बिल्कुल नहीं कह रहे कि जो लोग रिलेशनशिप में हैं वह खुश नहीं रहते हैं लेकिन कुछ रिलेशनशिप ऐसे भी होते हैं जहां दो लोगों की आपसी तकरार उनके लिए एक फांस बन जाती हैं।
एक रिलेशनशिप में भले ही आपका कोई ख्याल रखने वाला हो सकता है, आपके जन्मदिन या फिर खास मौके पर वह आपको स्पेशल फील करा सकते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं सिंगल रहना भी अपने आप में बेहतरीन है।
सिंगल रहने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अपने मन-मर्जी अपनी चीजों का मजा ले सकते हैं जहां आपको कोई रोकने-टोकने वाला नहीं हैं। ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं सिंगल रहना क्यों है सबसे बेहतरीन।
* ऐसा नहीं है कि हम प्यार में विश्वास नहीं करते। यहां तक कि कई बार रोमांटिक कपल्स को साथ देखते हुए भी हमारा दिल पिघल जाता है लेकिन एक रिलेशनशिप की सबसे खराब बात यह कि हम अपना ही समय अपने हिसाब से नहीं बिता सकते। जी हां, मिंगल से सिंगल होने का सबसे पहला फायदा यही है कि आप जब चाहें अपने दोस्तों के साथ हैंगऑउट करने का प्रोग्राम बना सकते हैं। यही नहीं, लेट नाइट गेम्स, पार्टी और मौज-मस्ती के बीच आपको कोई डिस्टर्ब करने वाला नहीं है।
* इस बात को नाकारा नहीं जा सकता कि जब हम और आप किसी रिलेशन में होते हैं तो न चाहते हुए भी परिवार और दोस्तों के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाते। हम ऐसा बिल्कुल नहीं कह रहे कि आप रिलेशनशिप की वजह से परिवार के बाकी लोगों को इग्नोर करना शुरू कर देते हैं लेकिन फिर भी स्पेशल वन को समय देने की वजह से परिवार और दोस्तों के वक्त में कटौती हो ही जाती है।
इसी के विपरीत अगर आप सिंगल हैं तो आपका पूरा समय आपके परिवार और दोस्तों का है। ऐसे में अगर आप कितना भी बिजी क्यों न हों, उनके लिए समय निकाल ही लेते हैं।
* कई बार ऐसा देखा गया है कि रिलेशनशिप में आने के बाद आप हर छोटी से छोटी चीज को लेकर अपने पार्टनर पर डिपेंडेंट हो जाते हैं। जैसे अगर आपको शॉपिंग करने जाना है तो आप अपने पार्टनर का ही साथ ढूढ़ते हैं या वहीं बिना पार्टनर के मूवी भी आपको पसंद नहीं आती। वहीं अगर आप सिंगल हैं तो आप बिना किसी के साथ के शॉपिंग, मूवी और यहां तक कि घर का सारा काम भी खुद ही करना पसंद करते हैं।
* इस बात में कोई दोराय नहीं जब हम रिलेशन में होते हैं तो कुछ भी करने से पहले अपने पार्टनर के बारे में भी सोचना पड़ता है जबकि सिंगल वालों के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है। वह अपनी मर्जी के मालिक होते हैं। बात चाहे उनके करियर की हो या फिर पर्सनल च्वाइस की, वह अकेले ही सारे फैसले लेने को स्‍वतंत्र होते हैं।
* अगर आप ब्रेकअप के बाद सिंगल रहे हैं तो आपको इस बात को जानने का पूरा समय मिल जाता है कि आखिरकार किस वजह से आपका रिश्ता टूटा है, वहीं अगर आप जल्दबाजी में फिर से मिंगल हुए हैं तो एक बार शायद आपको ऐसी सिचुएशन का सामना करना पड़े।
-एजेंसियां

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