अगर आप भी खर्राटों से परेशान हैं तो अपनाएं ये उपाय…

नींद में सोते वक्त अगर सांस लेने के दौरान एयरफ्लो में किसी तरह की रुकावट आती है नाक और कंठ में मौजूद टीशू में वाइब्रेशन होने लगता है जिससे खर्राटे आने लगते हैं। खर्राटे लेना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है लिहाजा खर्राटों को दूर करने के उपाय यहां जानें।
आप भले ही ये सोचे कि जो व्यक्ति खर्राटे ले रहा है उसे तो कोई दिक्कत नहीं हो रही और उसकी वजह से आसपास सो रहे लोगों की नींद खराब हो रही है लेकिन शायद आप ये नहीं जानते कि खर्राटे लेना (snoring), खराब सेहत और बीमारी का संकेत हो सकता है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन की मानें तो हर 3 में से 1 पुरुष और 4 में से 1 महिला हर रात खर्राटे लेते हैं। अगर आप भी अपने पार्टनर के खर्राटों से परेशान हैं तो उनसे नाराज होने की बजाए उन्हें योग करने की सलाह दें और कुछ घरेलू उपायों को आजमाएं जिससे पार्टनर की खर्राटों की दिक्कत हो जाएगी दूर।
​आखिर क्यों आते हैं खर्राटे
खर्राटे तब आते हैं जब कोई व्यक्ति सोते वक्त सांस लेने के दौरान नाक से अजीब-अजीब सी आवाजें निकालने लगता है। ये आवाजें सांस लेने के दौरान होने वाली रुकावटों की आवाज होती है। मुंह, नाक और कंठ में मौजूद टीशू और पैलेट के वाइब्रेशन से ये आवाजें निकलती है। नींद में सोते वक्त अगर सांस लेने के दौरान एयरफ्लो में किसी तरह की रुकावट आती है नाक और कंठ में मौजूद टीशू में वाइब्रेशन होने लगता है जिससे खर्राटे आने लगते हैं। कुछ लोग खर्राटे तो लेते हैं लेकिन उसकी आवाज बहुत धीमी होती है वहीं, कुछ लोगों के खर्राटों की आवाज इतनी तेज होती है कि उसे दूसरे कमरे तक सुना जा सकता है।
योग से दूर होंगे खर्राटे
खर्राटों को दूर करने के लिए बाजार में मिलने वाले अजीबोगरीब गैजट्स या मास्क लगाकर अनकम्फर्टेबल फील करने की बजाए रोजाना योग करना शुरू कर दें। हम आपको बता रहे हैं योग के उन आसनों के बारे में जिससे फेफड़ों की क्षमता बेहतर बनेगी, ब्रीदिंग स्मूथ हो जाएगी और खर्राटों की भी दूर होगी।
भुजंगासन या कोबरा पोज
खर्राटों की समस्साय दूर करने के लिए सबसे बेस्ट योगासन है भुजंगासन। इस आसन को करने के दौरान व्यक्ति का चेस्ट यानी सीना पूरी तरह से खुल जाता है। इस पॉस्चर में हमारे फेफड़े क्लियर हो जाते हैं और वायु मार्ग भी क्लीन और फ्री हो जाता है जिससे खर्राटे लेने की आशंका कम हो जाती है। साथ ही साथ इस योगासन को करने से शरीर में ऑक्सिजन और ब्लड फ्लो भी रेग्युलेट होता है जिससे आपकी ब्रीदिंग और शरीर के बाकी फंक्शन्स भी बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं।
धनुरासन या बो पोज
भुजंगासन की ही तरह इस योगासन में भी आपका सीना, कंधा और गला पूरी तरह से खुल जाता है जिससे आप और ज्यादा गहरी सांस लेने लगते हैं जिससे सांस लेने और छोड़ने के दौरान कंठ में किसी तरह की रुकावट नहीं होती और खर्राटे भी नहीं आते। हालांकि धनुरासन को करने के लिए बहुत सारे प्रैक्टिस की जरूरत है। लिहाजा किसी योगा एक्सपर्ट की देखरेख में ही इसे करें।
भ्रामरी प्राणायाम
योग के ये आसन मुख्य तौर पर एक ब्रीदिंग टेक्नीक है जिसे कोई भी बड़ी आसानी से कर सकता है। इस आसन को करने से शरीर और मन दोनों शांत होता है और एंग्जाइटी कम होती है। इस ब्रीदिंग आसन को करने से शरीर में हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत कम होती है जिससे खर्राटों की दिक्कत दूर होती है और कई बार रात में अगर अचानक नींद टूटने की परेशानी हो तो वो भी दूर हो जाती है।
घरेलू नुस्खे भी आएंगे काम- अदरक और शहद
अदरक ऐंटी-इन्फ्लेमेट्री और ऐंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी से भरपूर होता है जो सलाइवा (थूक) के स्त्राव को बढ़ाता है जिससे कंठ और गले को राहत मिलती है और खर्राटे नहीं आते। रोजाना दिन में 2 बार अदरक और शहद की चाय पीने से खर्राटों की दिक्कत दूर हो सकती है।
लहसुन, प्याज और मूली खाएं
लहसुन, प्याज और मूली जैसे स्ट्रॉन्ग अरोमा वाले फूड खाने से लंग्स में कंजेशन की दिक्कत कम होती है और नाक के सूखने की समस्या भी नहीं होती। इन चीजों को खाने से टॉन्सिल में सूजन भी नहीं होता। रात में सोने से पहले अगर आप इन्हें चबा लें तो खर्राटों की दिक्कत नहीं होगी।
​अनन्‍नास, केला और संतरा
खर्राटों से छुटकारा पाने का एक और बेस्ट तरीका यही है कि आप अपनी नींद की क्वॉलिटी को बेहतर बनाएं और इसके लिए शरीर में मेलाटॉनिन की मात्रा बढ़ाने की जरूरत होती है। मेलाटॉनिन ही वो हॉर्मोन है जो हमें सोने में मदद करता है। ऐसे में अनन्‍नास, केला और संतरा जैसी चीजों का सेवन करें जिसमें मेलाटॉनिन कॉन्टेंट बहुत ज्यादा होता है। जब नींद अच्छी आएगी तो खर्राटे अपने आप ही बंद हो जाएंगे।
-एजेंसियां

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