किसी ने नहीं बनाया तो खुद ही पीएम उम्‍मीदवार बन बैठे राहुल गांधी: संबित पात्रा

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल को कोई पीएम उम्मीदवार घोषित नहीं कर रहा था तो उन्होंने खुद को ही पीएम का उम्मीदवार घोषित कर लिया।
दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के 2019 में पीएम पद की दावेदारी के बयान पर उनके अपने सहयोगी दलों से ही उत्साहजनक समर्थन मिलता नहीं दिख रहा है।
यूपीए के प्रमुख सहयोगी दल एनसीपी ने कहा कि राहुल को सपने देखने का हक है, लेकिन पीएम कौन होगा यह लाख टके का सवाल है। राहुल बोले, कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी तो बन सकते हैं पीएम
दरअसल, राहुल ने मंगलवार को बेंगलुरु में कहा कि अगर उनकी पार्टी 2019 के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरती है तो वह पीएम बन सकते हैं। यह पूछने पर कि अगर 2019 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती है तो क्या वह पीएम बनेंगे, इस पर राहुल ने कहा कि ‘हां क्यों नहीं’।
राहुल ने कहा, ‘कुछ राज्यों में हम अपनी रणनीति पर काम करते हैं तो शायद ही कांग्रेस को 2014 जैसे नतीजे देखने को मिले।’ उन्होंने कहा कि आप देखना कि 2019 में मेरा राजनीतिक आंकलन सही साबित होगा और नरेंद्र मोदी पीएम नहीं बनेंगे।
सहयोगी एनसीपी ने बताया सपना
राहुल के इस बयान के बाद कई दलों ने प्रतिक्रिया दी है। यूपीए की सहयोगी एनसीपी ने सबसे कड़ी प्रतिक्रिया दी। एनसीपी नेता माजिद मेनन ने कहा कि 2019 में पीएम कौन होगा, यह लाख टके का सवाल है। उन्होंने कहा, ‘राहुल के बयान के लिए उन्हें शुभकामना देता हूं। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन भी जाए, तब भी यह जरूरी नहीं है कि सभी दल उन्हें लीडर मानने के लिए सहमत हों।’ मेनन ने कहा कि उनका मुख्य मकसद बीजेपी को सत्ता से बाहर करना है।
सीपीआई बोली, धर्मनिरपेक्ष दल एक हों
सीपीआई नेता डी. राजा ने कहा कि अभी वक्त सभी धर्मनिरपेक्ष दलों के एक होने का है। सबको बीजेपी को हराने के लिए एक होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी को हराने के लिए हमें एकजुट होने की जरूरत है।’
राजनीति में सक्रिय शख्स रख सकता है महत्वाकांक्षा: टीडीपी
हाल ही में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर एनडीए से अलग हुई टीडीपी ने राहुल के बयान पर कहा कि कोई भी शख्स महत्वाकांक्षा रख सकता है। टीडीपी प्रवक्ता लंका दिनाकरन ने कहा कि राजनीति में सक्रिय कोई भी शख्स महत्वाकांक्षा रख सकता है, लेकिन यह तो जनता ही तय करेगी कि किसे महत्व मिलेगा।
कांग्रेस को समर्थन, दूर की कौड़ी: शिवसेना
एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने सतर्क प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर जनता बीजेपी से त्रस्त होगी तो कांग्रेस को मौका दे सकती है। शिवसेना नेता मनीषा कांडे ने कहा, ‘राहुल गांधी को अभी लंबा रास्ता तय करना है। हम अकेले ही लड़ने जा रहे हैं। किसी के भी साथ नहीं रहेंगे। कांग्रेस को समर्थन करना तो दूर की बात है।’
पहले अमेठी तो जीतकर दिखाएं: जेडीयू
जेडीयू के नेता केसी त्यागी ने कहा कि पहले उन्हें अमेठी जीतना होगा। उसके बाद यह तय होगा कि नेता कौन होगा मायावती, शरद पवार या कोई और। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र विकल्प हो सकते हैं, लेकिन अन्य दलों के लिए नहीं।
बीजेपी ने राहुल पर कसा तंज
बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल के बयान पर करारा तंज कसते हुए कहा कि पीएम बनने के लिए राहुल को योग्यता का प्रदर्शन करना होगा। राहुल एक पार्टी के बेरोजगार अध्यक्ष हैं। राहुल अपने सरनेम के कारण नेता हैं।
-एजेंसी

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