अगर मैंने आत्मकथा लिखी तो तमाम लोगों को अपना मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी

If I wrote autobiographies then many people will not find a place to hide their mouths
अगर मैंने आत्मकथा लिखी तो तमाम लोगों को अपना मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी

बॉलिवुड की मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन कहती हैं कि अगर उन्होंने आत्मकथा लिखी तो हंगामा खड़ा हो जाएगा। लोगों को अपना मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी।
मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्‍या वह कभी अपनी आत्‍मकथा लिखेंगी, रवीना ने यह जवाब दिया।
रवीना टंडन इन दिनों अपनी रिलीज के लिए तैयार फिल्म ‘मातृ’ के प्रमोशन में जुटी हैं।
इसी दौरान रवीना ने अपनी फिल्म के अलावा निजी जिंदगी से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए।
रवीना कहती हैं, ‘जी हां मुझे मेरी आत्मकथा लिखने के लिए अप्रोच किया गया है लेकिन मेरे साथ प्रॉब्लम यह है कि अगर मैंने अपनी आत्मकथा लिखी तो बहुत सारे लोग छुपना शुरू कर देंगे। मुझे लगता है मैं लोगों को बचाते हुए सेफ ऑटोबायॉग्रफी नहीं लिख पाउंगी। अगर मैंने कभी मैंने अपनी ऑटोबायॉग्रफी लिखी तो ऐसा लिखूंगी जिसमें महिला प्रधान बातें होगीं।’
रवीना के बारे में यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने शादी से पहले दो बेटियों को गोद लिया था। रवीना कहती हैं, ‘जब मैंने दोनों बच्चियों को अपने घर लाकर उनका पालन-पोषण शुरू कर दिया तो कुछ लोगों ने मुझे कहा था कि… हाय, अब क्या होगा, तुम शादी कैसे करोगी? खैर उस समय मेरे दिमाग में भी ऐसी कोई बात नहीं आई कि बच्चियों को गोद लूंगी तो मेरी शादी का क्या होगा। मेरे इस निर्णय में परिवार का पूरा सपॉर्ट था।’
रवीना आगे कहती हैं, ‘मैंने से शुरू से ही अलग-अलग कई NGO के साथ मिल कर गर्ल चाइल्ड पर खूब काम किया है। वैसे मेरी दोनों बेटियों का जन्म मेरे सामने हुआ है। बच्चियों के माता-पिता नहीं हैं। उनके अच्छे भविष्य के लिए मुझे यह निर्णय लेना पड़ा। वैसे दोनों बेटियां मेरे कजन की हैं। अगर मैं घर से बाहर समाज सेवा कर रही हूं तो जो मेरे सामने घर में परेशान है, उसकी मदद तो जरूर करूंगी। अब दोनों बेटियां मेरे परिवार का हिस्सा हैं। मैं जब 21 साल की थी तब एक बेटी आठ साल की और दूसरी ग्यारह साल की थी। मेरे अंदर मानवता, मदद और जरुरतमंदों के प्रति प्यार जताने की भावना मेरी मां से आई है। मैंने जब बच्चों को अपनाया था तब यह नहीं सोचा था कि आगे क्या होगा।’
रवीना बताती हैं एक समय ऐसा था जब वह एक साथ 30 फिल्मों में काम कर रही थीं। वह बताती हैं उन दिनों फिल्मों की कहानी लगभग एक जैसी थी जिसमें अमीर बाप की बेटी को गरीब लड़के से प्यार हो जाता था। लगभग दो डायलॉग तो हर फिल्म में होते ही थे। पहला हिरोइन को कहना होता था बचाओ-बचाओ और दूसरा अपने पिता से बॉयफ्रेंड के लिए लड़ने का। जो बहुत आसान था। वह कहती हैं, ‘उन दिनों फिल्मों की मांग थी अच्छा संगीत और एक आइटम नंबर और मुझे ऐसे ही फिल्मों के ऑफर मिलते थे। आज समय के साथ सिनेमा बहुत बदल गया है।’
‘मातृ’ में रवीना एक ऐसी मां के किरदार में हैं जो अपनी बेटी के सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद इंसाफ की लड़ाई लड़ती हैं। उनकी इस लड़ाई में पुलिस तो क्या उनके पति तक उनका साथ छोड़ देता है। केस वापस लेने की धमकी के बाद रवीना का कानून पर से भरोस उठ जाता है जिसके बाद वह अपने तरीके से ही गुनहगारों को सबक सिखाती हैं। रवीना टंडन की फिल्म ‘मातृ -द मदर’ का निर्देशन अशतर सैयद ने किया है। फिल्म 21 अप्रैल को रिलीज के लिए तैयार है। रवीना टंडन इससे पहले साल 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ में दिखाई दी थीं, लेकिन यह फिल्म दर्शकों के बीच कोई धमाल नहीं मचा पाई थी।’
-एजेंसी

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