आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन के विलय ने छीना एयरटेल का ताज

नई दिल्‍ली। नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन के विलय को मंजूरी दे दी। अब नई कंपनी वोडाफोन-आइडिया लि. के नाम से संचालित होगी। इसके साथ ही 15 वर्ष से देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी होने का ताज एयरटेल से छिन गया है। वोडाफोन-आइडिया ने एक संयुक्त बयान में विलय की पुष्टि करते हुए दावा किया कि नई कंपनी 40 करोड़ 80 लाख ग्राहकों के साथ देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन गई है। नई कंपनी का पूरे देश से प्राप्त होने वाला रेवेन्यू (AGR) 32.2% है जबकि नौ टेलिकॉम सर्कलों में यह नंबर 1 पर है।
इस विलय के बाद तीन बड़ी कंपनियों भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडा आइडिया के बीच देश के एक अरब से अधिक के ग्राहकों के लिए मारामारी होगी क्योंकि देश अब 3G से 4G की ओर बढ़ चुका है और काफी किफायती स्मार्टफोन बाजार में आ रहे हैं। डेटा खपत में बड़ी वृद्धि के बीच ग्राहकों को लुभाने की होड़ में कंपनियां सस्ते टैरिफ ऑफर करके नुकसान उठा रही हैं।
बयान में कहा गया कि विलय के बाद बनी ‘वोडाफोन आइडिया लि.’ के लिए नया निदेशक मंडल बनाया गया है। इसमें छह स्वतंत्र निदेशकों समेत कुल 12 निदेशक और कुमार मंगलम बिड़ला उसके चेयरमैन होंगे। निदेशक मंडल ने बालेश शर्मा को सीईओ नियुक्त किया है। विलय के बाद भी वोडाफोन और आइडिया के अलग-अलग ब्रैंड बने रहेंगे।
नई कंपनी वोडाफोन आइडिया लि. अपने विशाल आकार के साथ भारती एयरटेल को पीछे छोड़ देगी जो फिलहाल देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है। रिलायंस जियो के बाजार में आने के साथ दूरसंचार कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हुई है। कंपनी का ब्राडबैंड नेटवर्क 3.4 लाख साइट जबकि वितरण नेटवर्क 17 लाख होगा।
बयान के अनुसार, ‘विलय से सालाना 14,000 करोड़ रुपये की आय सृजित होने का अनुमान है।’ कंपनी का शुद्ध कर्ज 30 जून 2018 को 1,09,200 करोड़ रुपये था। इस विलय के साथ दो लाख मोबाइल साइट और करीब 2.35 लाख किलोमीटर फाइबर के साथ 1,850 मेगाहर्ट्ज का व्यापक स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो होगा। इससे ग्राहकों को बातचीत और ब्रॉडबैंड के मामले में पहले से बेहतर सेवा मिल पाएगी।
कुल मिलाकर यह देश की 92 प्रतिशत आबादी को ‘कवर’ करेगी और इसकी पहुंच 5 लाख शहरों तथा गांवों में होगी। आदित्य बिड़ला समूह और वोडाफोन आइडिया लि. के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, ‘आज हमने देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बनाई है। वास्तव में यह ऐतिहासिक क्षण है। वोडाफोन आइडिया के रूप में हम अंतर्राष्ट्रीय साख, पैमाना और मानदंड वाली कंपनी के लिए भागीदारी कर रहे हैं।’
नई कंपनी के सीईओ बालेश शर्मा ने कहा, ‘हम अपने खुदरा और कंपनी ग्राहक दोनों को बेहतर सेवा देने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हम उनकी उभरती डिजिटल और संपर्क जरूरतों को नए उत्पादों, सेवाओं और समाधान के जरिए पूरा करेंगे।’ आइडिया ने नियामकीय सूचना में कहा कि विलय से जुड़ी सभी औपचारिकताओं के बाद कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लि. होगा। विलय के बाद आइडिया सेल्यूलर की पेड शेयर कैपिटल बढ़कर 8,735.13 करोड़ रुपये होगी। हसमुख कपानिया आइडिया सेल्यूलर के प्रबंध निदेशक पद से 31 दिसंबर 2018 से हट गए हैं लेकिन वह नई कंपनी में गैर-कार्यकारी निदेशक होंगे।
-एजेंसी

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