इस सप्ताह सामने आ सकती हैं ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की प्लेइंग कंडीशन

नई दिल्‍ली। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप काफी मायने रखती है। टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता को बनाए रखने के लिए यह आईसीसी की रणनीति का अहम हिस्सा है। अब आईसीसी एक बार फिर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनिशप के फाइनल की प्लेइंग कंडीशन का मुयाना करना चाहती है। यह फाइनल 18 जून से भारत और न्यूजीलैंड के बीच साउथैम्टन में खेला जाना है।
जानकारी के मुताबिक इस सप्ताह फाइनल की प्लेइंग कंडीशन सामने आ सकती हैं।
सबसे बड़ी दुविधा इस बात को लेकर है कि अगर मैच ड्रॉ होता है तो क्या होगा। किसे चैंपियन माना जाएगा?
जब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप सामने आई थी तब आईसीसी ने कहा था कि मैच में एक रिजर्व डे रखा जाएगा। हालांकि आईसीसी की वेबसाइट से वह नियम अब हटा दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर मैच ड्रॉ होता है तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाएगा।
शुरुआती योजना यह थी अगर पांच दिनों में बारिश या किसी अन्य कारण से खेल का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई रिजर्व डे से की जाएगी।
आईसीसी के सूत्र बताते हैं कि ‘योजना के अनुसार पहले पांच दिनों में 30 घंटे का खेल हो जाए और अगर किसी वजह से कुल मिलाकर 30 घंटे का खेल नहीं हो पाता है तो रिजर्व डे को इस्तेमाल किया जाए। इसका अर्थ यह होता कि नतीजे पर मौसम का कम से कम असर हो।’
हालांकि सिर्फ खेल के घंटे से ही काम बनता नजर नहीं आएगा। आईसीसी को स्लो ओवर रेट पर भी ध्यान देना होगा। आईसीसी (ICC) को यह सुनिश्चित करना होगा कि पांच दिनों में 450 ओवर का खेल जरूर हो।
सूत्रों के अनुसार, ‘वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल पहली बार खेला जा रहा है ऐसे में संयुक्त विजेता घोषित करने का आइडिया भी सही नहीं कहा जा सकता। मैच का नतीजा हासिल करने के लिए अधिक से अधिक विकल्पों पर विचार करना चाहिए। आईसीसी कमेटी इस बात पर काम कर रही है और इस सप्ताह इस पर कोई फैसला आ जाएगा।’
1 जून को ICC की बैठक में होगा WTC पर फैसला
इसके साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के भविष्य को लेकर भी असमंजस की स्थिति है। हालांकि 2019 में इसके लॉन्च के समय यह कहा गया था कि 2021-23 में भी इसे चालू रखा जाएगा।
2021-23 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का आगाज भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से प्रस्तावित है। हालांकि पॉइंट्स को लेकर क्या कोई बदलाव होगा, इस पर भी अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
हालांकि, कुछ ऐसे भी सदस्य हैं जो इस टूर्नामेंट की कामयाबी को लेकर थोड़े संदेह में है। नवंबर में आईसीसी के संभावित चेयरमैन ग्रेग बार्कली का कहना है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप ने अपने लक्ष्य को हासिल नहीं किया है। पॉइंट्स टेबल को लेकर कई शिकायते हैं। इसके साथ ही वैश्विक महामारी ने मामले को और खराब कर दिया है।
-एजेंसियां

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