UP ATS का एक्‍शन: एक बड़ा बिल्डर, 3 स्लीपर सेल समेत 6 को हिरासत में लिया

कानपुर। लखनऊ में कल अलकायदा से जुड़े दो आतंकी मिनहाज और मसीरुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद UP ATS ने कानपुर में बड़ी कार्यावाही करते हुए आतंकियों के एक साथी इरशाद समेत 6 लोगों को हिरासत में लिया है।

सूत्रों का कहना है कि इरशाद 15 अगस्त को होने वाले सीरियल ब्लास्ट में मिनहाज और मसीरुद्दीन की मदद कर रहा था। जबकि पेंचबाग का रहने वाला लईक और एक अन्य कैरियर हैं। रिहाइशी इलाके में रहने वाले ये सभी स्लीपर सेल हैं। यूपी कमांडर शकील का इशारा मिलते ही बम और असलहे तय जगह पर पहुंचाने वाले थे।

ATS ने जिन 6 लोगों को उठाया है, उनमें एक बड़ा बिल्डर भी शामिल है। उस पर टेरर फंडिंग का करने का आरोप है। बिल्डर और उसके एक पार्टनर के 13 बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। बिल्डर पूर्व में हवाला कांड से भी जुड़ा रहा है। वहीं, दो ऐसे भी लोग हिरासत में लिए गए हैं, जिन्होंने प्री-एक्टिवेटेड सिम मुहैया कराए थे। फिलहाल अभी ATS की कार्रवाई चल रही है।

यहीं हुआ था प्रदेश का पहला कुकर बम धमाका

ATS ने रविवार की रात कानपुर में ताबड़तोड़ दबिश दी है। प्रदेश का पहला आतंकी विस्फोट 14 अगस्त 2000 को आर्यनगर चौराहे पर किया गया था। आतंकियों ने मौरंग के ढेर में दबा कर प्रेशर कुकर बम विस्फोट किया था। इसमं कोई जनहानि नहीं हुई थी। लेकिन पूरा शहर दहल उठा था।

इसी के बाद दिल्ली और बनारस में संकट मोचन हनुमान मंदिर में आतंकियों ने विस्फोट कर कई लोगों की हत्या कर दी थी। उसके बाद से देश में होने वाली कई आतंकी घटनाओं में कानपुर से दहशतगर्द पकड़े गए थे।

6 महीने में 16 लाख रुपए लेन-देन
ATS को मिनहाज और मसीरुद्दीन के बैंक खाते खंगालने के दौरान बड़ी जानकारी हाथ लगी है। कानपुर के निजी बैंकों में अलग-अलग 13 खातों की जानकारी हुई है। जिनसे टेरर फंडिंग के लिए बीते 6 महीने में 16 लाख रुपए लेन-देन की बात सामने आई है। तीन बैंक खाते चमन-गंज निवासी उस हवाला कारोबारी के हैं, जिसकी तलाश में बीते 24 घंटे से टीम लगी है। इसके मोबाइल की लास्ट लोकेशन रविवार देर शाम की राजस्थान के जयपुर में मिली है।

जाजमऊ के 3 कारोबारियों के खाते भी आए सामने
जाजमऊ के तीन कारोबारियों के खाते भी सामने आए हैं। पूछताछ में मिनहाज ने बताया कि जाजमऊ में नमाज पढ़ने के दौरान इनसे मुलाकात हुई थी। रुपए क्या कहकर लिए गए? इसकी जानकारी मिनहाज और मसीरुद्दीन नहीं दे सके। सोमवार को ATS ने इन 13 बैंक खातों की डिटेल निकलवाई है। जिससे ये जानकारी की जा रही है कि इन अकाउंट होल्डर्स का संपर्क कहीं पड़ोसी मुल्क से तो नहीं है। इन अकाउंट होल्डर्स से भी टीम जल्द ही पूछताछ करेगी।

कानपुर में कारोबार की भी दी थी जानकारी
ATS ने जाजमऊ से जिन दो लोगों को हिरासत में लिया है, उनके कानपुर के इंट्रोगेशन रूम में पूछताछ की। इन लोगों ने मिनहाज और मसीरुद्दीन से संपर्क होने से साफ इंकार कर दिया। इन लोगों ने टीम को बताया कि दोनों साथ में कारोबार करने की बात कर रहे थे, लिहाजा उन्हें पूरी जानकारी दी गई। ATS को इन कारोबारियों के साथ पकड़े गए दोनों आतंकियों की तस्वीरें भी मिली हैं। टीम ने इन लोगों को शहर न छोड़कर जाने की बात कही है।

कानपुर से उपलब्ध कराई जाती थी फॉर्च्यूनर या इनोवा क्रिस्टा
कानपुर आने के बाद मिनहाज कभी फतेहपुर, औरैया और कभी अलीगढ़ जाता था। जाने के लिए जाजमऊ में रहने वाले स्लीपिंग माड्यूल्स इनके लिए फॉर्च्यूनर या इनोवा क्रिस्टा मुहैया कराते थे। लाल बंगला स्थित उस ट्रैवेल्स की जानकारी भी टीम को लग गई है। टीम ने इस ट्रैवेल्स मालिक को बुलाकर पूछताछ शुरू की। हालांकि, टीम की माने तो ट्रैवेल्स वाले का कोई लिंक अप समझ में नहीं आया। एक बात साफ हो गई है कि इस संगठन के लोग आस पास के जिलों में भी मौजूद हैं, जो इन आतंकियों के लिए रहने, खाने और आने जाने के लिए वाहन का इंतजाम करते हैं।

आतंकियों के लिए आसान होता है कुकर बम से टारगेट करना

ATS सूत्रों की माने तो प्रेशर कुकर में बम का असेंबल करना बहुत आसान है। इसमें कम समय लगता है। इसे ले जाना आसान होता है। आम तौर पर आतंक से जुड़े लोगों के साथ रहने वाली महिलाएं इसे रिपेअर कराने के लिए ले जाती हैं। बारूद व कनेक्टर लेकर आतंकी जाते हैं। मौके पर पहुंच कर दस मिनट में कुकर बम तैयार कर दिया जाता है। इसका कनेक्शन लिड रबर और सीटी के साथ रखा जाता है। इसे आसानी से प्लेस करने के लिए आतंक से जुड़े लोग स्लीपिंग माड्यूल्स का इस्तेमाल करते हैं। बनाते समय फटने का खतरा कम होता है। इस लिए इसका इस्तेमाल सेफ माना जाता है।

दो दशक से आतंकियों की दहशत में औद्योगिक राजधानी

कानपुर को यूपी के अतिसंवेदनशील जिलों की लिस्ट में रखा गया है। तीन साल पहले ही एटीएस पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सदस्य कमरुज्जमा उर्फ कमरुद्दीन को अरेस्ट कर चुकी है। वहीं 2017 में लखनऊ में एनकाउंटर में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह का घर भी कानपुर के जाजमऊ में है।

कानपुर में अब तक पकड़े गए आतंकी

14 अगस्त 2000: आर्यनगर में पहला कुकर बम धमाका हुआ था।
11 सितंबर 2009: आइएसआइ एजेंट इम्तियाज सचेंडी से गिरफ्तार।
27 सितंबर 2009: बिठूर से आइएसआइ एजेंट वकास की गिरफ्तारी।
18 सितंबर 2011: रांची निवासी आइएसआइ एजेंट फैसल रहमान उर्फ गुड्डू को जासूसी आरोप में रेलबाजार से किया गिरफ्तार।
जुलाई 2012: सेंट्रल स्टेशन से फिरोज नाम के संदिग्ध की गिरफ्तारी।
अप्रैल 2014: पटना में विस्फोट करने वाले एक संदिग्ध को पनकी स्टेशन के पास से एटीएस ने पकड़ा।
मार्च 2017: भोपाल में ट्रेन में ब्लास्ट करने वाले आतंकी गिरोह खुरासान मॉड्यूल के तीन आतंकी गिरफ्तार।
14 सितंबर 2018: एटीएस और कानपुर पुलिस पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सदस्य कमरुज्जमा उर्फ कमरुद्दीन को अरेस्ट किया था।
-एजेंसी

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