शरीर के लिए कितना सही है नाश्ते में दही लेना

नाश्ते में हम सभी कुछ ऐसा खाना पसंद करते हैं जो खाने में टेस्टी हो और हमारे शरीर को पूरा दिन काम करने की एनर्जी देता रहे। ऐसे में ज्यादातर लोग किसी ना किसी रूप में नाश्ते में दही खाना पसंद करते हैं।
लेकिन क्या नाश्ते में दही लेना एक स्वस्थ विकल्प है, यहां जानें…
पाचक होती है लेकिन नींद दिलाती है
-यदि आपके दिन शुरुआत ही दही के साथ हो रही है तो यह आपको एनर्जी देने के स्थान पर नींद दिला सकती है और शरीर में सुस्ती बढ़ा सकती है इसलिए दही कभी भी आपके फर्स्ट फूड का भाग नहीं होना चाहिए। हालांकि दही नाश्ते का एक शानदार हिस्सा है। यदि आप इसे खाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखते हैं तब…
यहां समझे विरोधी बातों का अर्थ
-एक तरफ तो हम कह रहे हैं कि दही नाश्ते में खाना अच्छा है। वहीं दूसरी तरफ यह भी कह रहे हैं कि इसे खाने से सुस्ती बढ़ सकती है। दरअसल, ये दोनों ही बातें सही हैं। दही खाने पर आपको एनर्जी मिलेगी या सुस्ती आएगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि दही खाने का आपका तरीका क्या है।
इस तरह खाएं और इस तरह ना खाएं दही
-आप नाश्ते में चपाती, पराठा, चिल्ला आदि के साथ दही खा सकते हैं। एक कटोरी दही का सेवन नाश्ते में करना शरीर के लाभकारी होता है और पाचनतंत्र को सही करता है। साथ ही शरीर को दिनभर के लिए ऊर्जा देने में लाभकारी होता है।
-लेकिन नाश्ते में दही का सेवन तभी करना चाहिए जब आप सुबह के समय नाश्ते से पहले कुछ खा या पी चुके हों। जैसे, सुबह की शुरुआत आपने पानी के साथ की हो और फिर चाय-टोस्ट, स्प्राउट्स या ड्राईफ्रूट्स आदि खाए हों। इसके एक घंटे बाद यदि आप नाश्ते में दही का सेवन करते हैं तो आपको नींद नहीं आएगी।
खाली पेट नहीं खानी चाहिए दही
-सुबह के समय आप नाश्ते में केवल मीठी दही का उपयोग कर सकते हैं। खट्टी दही खाने से परहेज करें। साथ ही नाश्ते में दही खाते समय आप इसमें एक चम्मच शक्कर मिला सकते हैं। यदि आपको शुगर की समस्या नहीं है तब।
-दिन की शुरुआत यदि किसी भी कारण देरी से हुई हो और आपके पास नाश्ता करने का समय ना हो तो भूलकर भी खाली दही ना खाएं। यदि आप खाली पेट दही खाते हैं तो आपको जबदस्त नींद आएगी और आप खुद को बहुत थका हुआ अनुभव करेंगे।
-ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खाली पेट दही खाने से कुछ लोगों को ब्लड प्रेशर कम होने की समस्या हो जाती है। इससे शरीर में ब्लड का फ्लो कम होता है और ऑक्सीजन का स्तर घटने लगता है। यही कारण है कि बहुत तेज नींद आती है और बेहोशी जैसा अनुभव होता है।
-एजेंसियां

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