अतीक अहमद के एक और गुर्गे का करोड़ों का मकान ध्वस्त

प्रयागराज। यूपी में माफिया और गैंगस्टर के खिलाफ योगी सरकार की कार्यवाही जारी है। बुधवार को प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के एक और गुर्गे का करोड़ों का मकान ध्वस्त कर दिया गया। जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के गुर्गे गुल हसन का मकान प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने ढहा दिया। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने जिले में 52वां मकान ढहाया। 300 वर्ग गज में बने मकान की कीमत लगभग दो करोड़ बताई जा रही है। अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण के लिए दो जेसीबी लगाई गई थी।
इससे पहले पिछले महीने कई माफिया के मकान ध्वस्त किये गए थे। अतीक के करीबी आसिफ दुर्रानी के धूमनगंज में कसारी मसारी स्थित आलीशान मकान को बुलडोजर चलवाकर जमींदोज करा दिया गया। विकास प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि नियम विरुद्ध तरीके से निर्माण किया गया था और इसीलिए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही हुई। चार बुलडोजरों से दो मंजिला मकान के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की। सबसे पहले बाहरी और ऊपरी मंजिल पर हुए निर्माण को ढहाया गया। इसके बाद भूतल पर हुए निर्माण को जमींदोज कर मकान को मलबे में तब्दील कर दिया गया। मकान का निर्माण 400 वर्ग गज भूमि में किया गया था। इसकी कीमत चार करोड़ के आसपास थी। लागत जोड़ लें तो अनुमानित कीमत पांच करोड़ के आसपास ठहरती है।
कसारी मसारी निवासी आसिफ उर्फ दुर्रानी अतीक अहमद का बेहद करीबी है। उस पर सिर्फ धूमनगंज थाने में ही 16 मुकद्दमे दर्ज हैं। पिछले साल मई में रवि पासी हत्याकांड के गवाह नबी अहमद ने धमकाने के आरोप में उस पर अतीक अहमद व तोता समेत मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप लगाया था कि दोनों के कहने पर ही उसे घर में घुसकर धमकाया गया। उसके खिलाफ तीन बार गैंगस्टर की कार्यवाही भी हो चुकी है।
दुर्रानी का नाम पिछले साल करेली के गौसनगर में अवैध स्लाटर हाउस चलाने में भी आया था। जून में करेली जेके महल के पास स्थित डेरी में छापा मारकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था जबकि संचालक दुर्रानी व उसका भाई राशिद तीन अन्य लोगों संग फरार हो गया था। हालांकि इसे काफी दिनों बाद भी पकड़ा नहीं जा सका था। जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी थीं।
उससे पहले अतीक अहमद के करीबी असलम उर्फ मंत्री का मकान जमींदोज किया गया। पीडीए की टीम दो बुलडोजर व भारी पुलिस बल के साथ ही उसके कसारी मसारी स्थित मकान पर पहुंची। हालांकि मामले में दूसरे पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की वजह से कार्रवाई लंबित रही। याचिका के निस्तारण के बाद दोपहर बाद कार्यवाही शुरू हुई और फिर करीब चार घंटे की कार्रवाई में मकान पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
पीडीए अफसरों का कहना है कि मकान का निर्माण 700 वर्ग गज जमीन में किया गया था। 25 हजार प्रति वर्ग गज के दर से करीब 1.75 करोड़ की तो सिर्फ जमीन होती है। लागत जोड़ लें तो मकान की कीमत करोड़ों में होती है। उधर पुलिस का कहना है कि फिलहाल असलम पर दर्ज कुल तीन मुकदमों की जानकारी मिली है। इनमें से दो खुल्दाबाद व एक धूमनगंज थाने में दर्ज है।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *