शैक्षणिक भ्रमण में सीखे Hotel management के गुर

मथुरा। संस्कृति यूनिवर्सिटी के टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटैलिटी के विद्यार्थियों ने गत दिवस आगरा के जे.पी. पैलेस होटल का शैक्षणिक भ्रमण कर Hotel management के गुर सीखे। इस अवसर पर होटल के कार्मिक प्रबंधक आनंद कुमार द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि यदि आपको होटल इंडस्ट्री में करियर संवारना है तो पहले स्वयं को स्मार्ट बनाएं। इस क्षेत्र में काम करने से पहले आपको अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाने के साथ ही बोलने, उठने-बैठने और चलने के तरीके को भी प्रभावी बनाना होगा।

संस्कृति यूनिवर्सिटी के टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटिलिटी के विद्यार्थियों ने अपने शैक्षणिक भ्रमण में जे.पी. पैलेस होटल की प्रशिक्षण प्रबंधक रेशुका सिंह से वहां की नवीनतम मशीनों, उपकरण, विधियों, उत्पाद, मेनू आदि के साथ ही खाद्य और पेय, रसोई तथा हाउसकीपिंग आदि के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। छात्र-छात्राओं ने वहां देखा कि कैसे प्रोफेशनल तरीके से अतिथियों का सत्कार किया जाता है तथा भोजन पकाने और परोसने में क्या-क्या सावधानी बरतनी होती हैं। होटल की प्रशिक्षण प्रबंधक ने विद्यार्थियों को हॉस्पीटैलिटी प्रोफेशनल बनने के गुर भी बताए। उन्होंने ईमानदारी और काम के प्रति निष्ठा को सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

छात्र-छात्राओं के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर गए प्राध्यापक रोहन धमीजा और असिस्टेंट प्रोफेसर योगेश कुमार ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को होटल व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं को जानने का मौका मिलता है। छात्र-छात्राओं ने अपने इस शैक्षणिक भ्रमण को उपयोगी बताते हुए कहा कि पुस्तकों की अपेक्षा इस तरह के टूर कुछ नया सीखने और करने का हौसला देते हैं।

कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि शैक्षणिक भ्रमण एवं देशाटन से वास्तविक तथ्यों को करीब से देखने के साथ ही सही जानकारी प्राप्त होती है। इससे छात्र-छात्राओं की मेधा में आशातीत अभिवृद्धि होती है। शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विविध व्यवसायों का सूक्ष्म निरीक्षण कर उसके तकनीकी तथ्यों से छात्र-छात्राओं को रू-ब-रू कराना होता है।
उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को नियमित शैक्षिक भ्रमण पर भेजने का मकसद उनमें एक नई अनुभूति जागृत करना है। इससे छात्र-छात्राओं में समूह में रहने की प्रवृत्ति तो बढ़ती ही है, साथ ही उनकी क्षमता तथा आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।

औद्योगिक भ्रमण से लौटने के पश्चात कुलपति डा. राणा सिंह ने छात्र-छात्राओं से कहा कि शैक्षणिक भ्रमण में आप लोगों ने जो कुछ सीखा है उसका निरंतर अभ्यास भी करें ताकि भूलने की गुंजाइश न रहे।

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