मतगणना के दौरान violence की आशंका, राज्यों को अलर्ट जारी

नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए मतगणना कल शुरू होनी है, इसी को लेकर गृह मंत्रालय ने देश के विभिन्न इलाकों में violence और अवांछनीय गतिविधियों की आशंका जताते हुए राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महा अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया है। गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने को कहा है।

इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को मतगणना के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना स्थल पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय के ये निर्देश मतगणना के दौरान संभावित violence गतिविधियों से निपटने के लिए पूर्व योजना के तौर पर हैं।

मतगणना के दिन बवाल की आशंका को लेकर EC ने भी जारी किया हाई अलर्ट

ईवीएम के मुद्दे पर टकराव की आशंका जताई गई है। इसके चलते मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आदेश के बाद मतगणना के दौरान बवाल की आशंका से पुलिस विभाग खासा सतर्क हो गया है। कहा जा रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा आज इस सम्बंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा कर निर्देश देंगे।

स्ट्रांग रूम के बाहर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा की व्यवस्था की गई है, जिसमें केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, पीएसी व पुलिस के जवान शामिल हैं।

साथ ही स्ट्रांग रूम के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे 24 घंटे की रिकार्डिंग कराई जा रही है। इन कैमरों में हर पल की गतिविधि कैद हो रही है। वहीं डीजीपी मुख्यालयों से भी मतगणना के प्रबंधों पर नजर रखी जा रही है। सभी जिलों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा प्रबंध करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस विभाग की कोशिश है कि मतगणना भी शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो जाए।

एग्जिट पोल के नतीजों के बाद से महागठबंधन के दलों के नेताओं की बैचेनी साफ नजर आ रही है। मंगलवार को ये बेचैनी तब दिखी जब महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने लोगों से हिंसक अपील कर डाली। उन्होंने एग्जिट पोल को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा कि ‘पहले बूथ लूट और अब रिजल्ट लूट’ की तैयारी चल रही है। अगर रिजल्ट लूट की घटना हुई तो महागठबंधन के नेताओं से आग्रह है कि हथियार भी उठाना हो तो उठा लें।

कुशवाहा यहीं नहीं रुके। उन्होंने खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा कि जनता का आक्रोश बहुत खतरनाक है। सड़क पर खून तक बह सकता है। जिला प्रशासन सतर्क रहे. ऐसा होता है तो इसके लिए एनडीए के शीर्ष नेता जिम्मेवार होंगे।

-एजेंसी

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