जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे गृहमंत्री ने कहा, पड़ोसियों से व्‍यवहार का तरीका समझे पाकिस्‍तान

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान में नई सरकार के गठन के बाद अब पड़ोसी देश के रवैये में बदलाव की उम्मीद जताई है। सोमवार को पाक से लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दो ‘स्मार्ट फेंसिंग’ परियोजना का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत में सिंह ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान की प्रकृति में कोई बदलाव आएगा। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि पाक के रवैये में बदलाव आए और हमारा पड़ोसी मुल्क यह समझ सके कि अपने पड़ोसियों के साथ कैसे व्यवहार किया जाता है।
जम्मू में सीमा सुरक्षा बल के मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की अपनी प्रकृति है और उसे हम बदल नहीं सकते। अपनी प्रकृति में बदलाव के लिए पाकिस्तान जो कर सकता है, वह उसे खुद करना होगा। पाकिस्तान को यह समझना होगा कि पड़ोसियों के साथ कैसे व्यवहार करे। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए और इसके लिए खुद पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर वहां गए। सिंह ने कहा कि इन तमाम प्रयासों के बाद भी पाक अगर बात को समझने की कोशिश ना करे तो इसके लिए क्या किया जा सकता है।
5.5 किमी सीमा में लगीं स्मार्ट फेंसिंग
बता दें कि राजनाथ सिंह सोमवार को स्मार्ट फेंसिंग परियोजना का उद्घाटन करने जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे थे। इन प्रॉजेक्ट्स को कम्प्रेहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (सीआईबीएमएस) कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया है। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि इस प्रणाली के शुरू होने के बाद हमारी सीमाएं और अधिक सुरक्षित होंगी। स्मार्ट फेंसिंग को जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 5.5 किलोमीटर क्षेत्र में लगाया गया है।
पाक से घुसपैठ रोकने में मिलेगी मदद
बता दें कि जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 5.5 किलोमीटर क्षेत्र में लगाया गया यह फेंसिंग अपनी तरह की पहला हाईटेक निगरानी प्रणाली है, जो जमीन, पानी, हवा और भूमिगत स्तर पर एक अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक दीवार का काम करेगी। इस प्रणाली से सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के जवानों को मुश्किल क्षेत्रों में घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी। सीआईबीएमएस के तहत अत्याधुनिक सर्विलांस टेक्नॉलजी, थर्मल इमेजर्स, इन्फ्रारेड और लेजर आधारित घुसैपठ अलार्म हैं, जो एक अदृश्य जमीनी चारदीवारी का निर्माण करेंगे।
-एजेंसियां

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