जम्मू-कश्मीर में शेख अब्दुल्ला की जयंती पर होने वाला अवकाश खत्‍म

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती पर होने वाला अवकाश समाप्‍त कर दिया गया है। अवकाश रद्द करने पर राजनीतिक दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। कुछ ने इसे इतिहास से खिलवाड़ तो कुछ ने नए जम्मू-कश्मीर में इसका स्वागत किया है।
नेशनल कांफ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के नाम को जम्मू-कश्मीर की तारीख और कश्मीरी अवाम के दिलों से मिटाया नहीं जा सकता है। शेख अब्दुल्ला ने जिन्नाह की टू नेशन थ्योरी को खारिज किया। जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय कराया। गरीबों को भूमि का मालिकाना हक दिलाया। उनका जिक्र सुनहरी अक्षरों में रहेगा।
विलय दिवस राष्ट्र पर्व जैसा: भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के अवकाश सूची में विलय दिवस को शामिल करना स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्र पर्वों की तरह है। शेख अब्दुल्ला का जम्मू-कश्मीर के लिए कोई योगदान नहीं था। उन्होंने डोगरा महाराजाओं के खिलाफ विद्रोह किया था। जम्मू-कश्मीर में शहीदी दिवस काला दिवस के रूप में था। भाजपा उपराज्यपाल से जल्द मिलकर महाराजा हरि सिंह की जयंती की छुट्टी की मांग करेगी।
राज्य के माथे पर लगा बदनुमा काला धब्बा हटा: राजपूत सभा
कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि अवकाशों में महाराजा हरि सिंह की जयंती को शामिल न करके भाजपा ने जम्मू के लोगों से वादाखिलाफी की है। जम्मू-कश्मीर में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है लेकिन भारत-पाक के विभाजन के दौरान जिन्नाह के साथ न खड़े होकर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लिए भारतीय फौज का साथ दिया था, उसे भी हमेशा याद रखा जाएगा। प्रदेश के अवकाश से उनका नाम हटाकर भाजपा ने बदले की नीति अपनाई है।
शेख अब्दुल्ला का नाम हटाना सही: पैंथर्स
पैंथर्स पार्टी के वरिष्ठ नेता बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अवकाश सूची में शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती का नाम हटाना सही फैसला है। उनका जम्मू-कश्मीर के विकास में कोई योगदान नहीं रहा है। पैंथर्स पार्टी महाराजा हरि सिंह की जयंती की छुट्टी की मांग करती है।
जम्मू-कश्मीर के माथे पर लगा बदनुमा काला धब्बा हटा: अमर क्षत्रिय राजपूत सभा
अमर क्षत्रिय राजपूत सभा के अध्यक्ष और भाजपा के उपाध्यक्ष कुंवर नारायण सिंह ने कहा कि सरकार के फैसले से जम्मू-कश्मीर के माथे पर लगा बदनुमा काला धब्बा हटा है। जम्मू संभाग के लोगों की आकांक्षाओं और भावनाओं का आदर करते हुए शहीदी दिवस व शेख अब्दुल्ला की जयंती की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सरकार को अब महाराजा हरि सिंह और महाराजा गुलाब सिंह की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना चाहिए।
-एजेंसियां

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