टेलीकॉम डिपार्टमेंट की होली मनी, AGR के बकाया 5 हजार करोड़ रुपए मिले

नई दिल्‍ली। टेलीकॉम डिपार्टमेंट को AGR बकाए के रूप में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया से 5,000 करोड़ रुपये मिले हैं। इन कंपनियों ने जनवरी-मार्च तिमाही के लिए लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज के रूप में इस राशि का भुगतान किया है।
मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक एग्जीक्यूटिव ने बताया कि इन तीन कंपनियों ने समय पर अपने बकाए का भुगतान कर दिया है जो अच्छा संकेत है। जनवरी-मार्च तिमाही के बकाये का 25 मार्च तक भुगतान करना था। अगर थोड़ा-बहुत कुछ बचा है तो उसका भी मार्च के अंत तक भुगतान कर दिया जाएगा क्योंकि यह वित्त वर्ष खत्म होने जा रहा है।
वोडाफोन आइडिया ने सही समय पर किया भुगतान
नकदी की कमी से जूझ रही वोडाफोन आइडिया ने पिछली तिमाहियों में भुगतान में देरी की थी लेकिन इस बार कंपनी ने समय पर भुगतान कर दिया है। हर सर्कल ने अपने अपने रेवेन्यू के हिसाब से भुगतान किया है और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस ने अभी फाइनल अमाउंट एड नहीं की है। लेकिन यह राशि टेलीकॉम कंपनियों द्वारा पिछली तिमाही में किए गए भुगतान के बराबर है।
31 दिसंबर को समाप्त पिछली तिमाही में एयरटेल ने करीब 1600 करोड़ रुपये, जियो ने 2000 करोड़ रुपये और वोडाफोन इंडिया ने 1000 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इस बारे में तीनों कंपनियों ने ईटी के सवालों का जवाब नहीं दिया। टेलीकॉम कंपनियां एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) का 8 फीसदी लाइसेंस फीस और 3 से 5 फीसदी स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज के रूप में चुकाती हैं। एयरटेल और वोडाफोन को एजीआर के रूप में क्रमशः 26,000 करोड़ रुपये और 50,400 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। दोनों कंपनियों ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल रखी है। उनकी दलील है कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस की कैल्कुलेशन ठीक नहीं है।
-एजेंसियां

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