लखनऊ मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत- एक ऐतिहासिक क्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए आज का दिन ऐतहासिक है, क्योंकि यहां के बाशिन्दों के लिए बहुप्रतीक्षित Metro रेल सेवा की शुरुआत हो गयी।
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेट्रो रेल के प्रथम चरण में ट्रान्सपोर्टनगर से चारबाग तक चलने वाली ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
गृह मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ मेट्रो रेल की सवारी भी की।

लखनऊ भी मेट्रो वाला शहर बन गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाइक और गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में मंगलवार को मेट्रो सेवा का उद्घाटन किया गया। मेट्रो फिलहाल ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच चलेगी। यह सेवा सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध होगी। आम यात्री बुधवार से सफर कर सकेंगे। किराया 10 रुपये से लेकर 30 रुपये तक होगा।

उद्घाटन के बाद सीएम आदित्यनाथ ने मेट्रो प्रॉजेक्ट के प्रधान सलाहकार और मेट्रोमैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन को खास तौर पर धन्यवाद दिया। सीएम ने कहा कि यूपी के कुछ दूसरे शहरों में भी मेट्रो की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

सीएम के मुताबिक, यूपी मेट्रो कॉर्पोरेशन का गठन किया जाएगा। अब अलग-अलग मेट्रो कॉर्पोरेशन की जरूरत नहीं होगी। योगी के मुताबिक, प्रधानमंत्री का सपना है कि तीन सालों में देश के 50 शहरों में मेट्रो का संचालन हो।

गृहमंत्री और लखनऊ के स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस शहर में मेट्रो चलती है, वहां विकास के नए दरवाजे खुल जाते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि अब लखनऊ शहर नवाबों के साथ-साथ मेट्रो शहर के रूप में भी जाना जाएगा।

 

इस रूट पर मेट्रो चलने के बाद न केवल जाम की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि सफर में काफी कम वक्त भी लगेगा। इसके अलावा, इस रूट के बाजारों में कारोबार भी बढ़ने के आसार हैं। व्यापारियों का मानना है कि अभी ट्रैफिक जाम के कारण कानपुर रोड और इसके आसपास के इलाकों के लोग नाका, चारबाग, आलमबाग और चंदर नगर समेत कई बाजारों की तरफ आने से कतराते हैं, लेकिन मेट्रो चलने पर इन बाजारों तक आना-जाना आसान हो जाएगा। इससे Metro रूट के बाजारों के कारोबार में 20% तक उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है।

सफर में कम वक्त
नटखेड़ा रोड के व्यापारी मनीष अरोड़ा बताते है कि अभी ऑटो या किसी निजी वाहन से अमौसी से चारबाग जाना हो तो एक घंटे तक का समय लग जाता है। अगर जाम न हो तो यह सफर 30 से 40 मिनट का है, लेकिन शायद ही कोई ऐसा दिन हो जब जाम न लगता हो। इस कारण लोग नाका और चारबाग गुरुनानक मार्केट आने से बेहतर ज्यादा कीमत देकर अपने लोकल मार्केट से सामान खरीदना पसंद करते है, लेकिन अब उम्मीद है कि इसमें सुधार आएगा। मेट्रो चलने होने के बाद यह सफर महज 20 मिनट में तय हो जाएगा।

जाम और दूरी के कारण पिछले कुछ साल से राजधानी के बड़े बाजार महज क्षेत्रीय बाजार बनकर रह गए हैं। नाका-चारबाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पवन मनोचा का कहना है कि नाका पूरे प्रदेश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रिक पार्ट का बाजार है, लेकिन यहां आने में परेशानी की वजह से लोगों का आना कम हो गया था। होल सेल के कारोबारी अब भी यहां आते हैं, लेकिन जाम के कारण शहर के ही लोग यहां आने से कतराते हैं। यही हाल लाटूश रोड मार्केट का है। हार्डवेयर और लोहे के अन्य सामानों के सबसे बड़े बाजार में भी शहर के लोग कम आ रहे हैं। अब  Metro के  चलने  से  यह  कवायद आसान  हो  जाएगी, व्‍यपारी को  फायदा  होगा इससे ।
-एजेंसी