लॉकडाउन से घबराए शेयर बाजार में ऐतिहासिक गिरावट

मुंबई। देश में कोरोना संकट के गहराने और लॉकडाउन की हालत से घबराए निवेशकों का सब्र अब टूटने लगा है। पिछले कई दिनों से बाजार से पूंजी निकालने की होड़ में लगे निवेशकों द्वारा सोमवार को की गई बड़ी बिकवाली से शेयर बाजार में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई।
BSE का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी ऐतिहासिक गिरावट के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स के इतिहास में पहली बार 3934.72 अंकों (13.15%) की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,981.24 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 1,135.20 अंकों (12.98%) की बड़ी गिरावट के साथ 7,610.25 पर बंद हुआ।
दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 27,900.83 का ऊपरी स्तर तथा 25,880.83 का निचला स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी ने 8,159.25 का उच्च स्तर और 7,583.60 का निम्न स्तर छुआ। बीएसई पर सभी 30 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर बंद हुए, जबकि एनएसई पर भी सभी 50 कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखी गई। निफ्टी के मिड कैप तथा स्मॉल कैप शेयरों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।
फिर लगाना पड़ा लोअर सर्किट
कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन के बीच आज शेयर बाजार का कारोबार फिर इतना प्रभावित हुआ कि शुरुआती घंटे में ही बेंचमार्क इंडेक्स पर लोअर सर्किट लग गया। सर्किट लगने के बाद रुका कारोबार फिर शुरू हो गया। ट्रेडिंग दोबारा शुरू होने के बाद गिरावट और बढ़ी और शुक्रवार की क्लोजिंग के मुकाबले सेंसेक्स 3200 अंक नीचे गिर गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 10 पर्सेंट नीचे आ गया, जिसकी वजह से शेयर बाजार का कारोबार 45 मिनटों के लिए रोकना पड़ गया।
एस एंड पी ने विकास दर अनुमान घटाया
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ने सोमवार को अगले वित्त वर्ष के लिए भारत के आर्थिक विकास दर अनुमान को 6.5% से घटाकर 5.2% कर दिया। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर एस एंड पी ने यह कटौती की है।
मोदी काल की सारी तेजी खो देगा बाजार
जब साल 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ने केंद्र की कमान संभाली थी, तब बाजार ने गजब का उत्साह दिखाया था। लेकिन साल 2018 की शुरुआत से इसमें गिरावट आनी शुरू हो गई और कुछ ही लार्जकैप शेयर इस साल जनवरी में बाजार की तेजी में अपना प्रदर्शन बरकरार रखने में सफल हुए।
वैश्विक बाजारों का भी बुरा हाल
कोरोना वायरस के संकट से वैश्विक बाजारों का भी बुरा हाल है। सोमवार को यूरोपीय बाजार डीएएक्स में 5%, सीएसी में 5%, सीएसी40 में 4.40% तथा एफटीएसई100 में 4.80% की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल में 8% की गिरावट
सोमवार को शेयर बाजार की तरह कच्चे तेल के बाजार में भी हाहाकार देखा गया। एमसीएक्स पर ऐक्टिव क्रूड ऑइल फ्यूचर का 4% का पहला लोअर सर्किट लगा और यह 7.74% की गिरावट के साथ प्रति बैरल 1788 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
भारतीय बाजार का बद्तर प्रदर्शन
एशियाई बाजारों की तुलना में भारतीय शेयर बाजार का सोमवार का प्रदर्शन बेहद बद्तर रहा। हेंगसेंग में 4.3%, शंघाई में 2.46%, कॉस्पी में 5.26%, सिंगापुर में 7.48% की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को केवल निक्केई 2.11% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
इन शेयरों में भारी गिरावट
बीएसई पर एक्सिस बैंक के शेयर में सर्वाधिक 28.01%, बजाज फाइनैंस में 23.57%, इंडसइंड बैंक में 23.05%, आईसीआईसीआई बैंक में 17.88% तथा मारुति में 17.02% की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, एनएसई पर भी एक्सिस बैंक के शेयर में सर्वाधिक 27.60%, बजाज फाइनैंस में 27.48%, इंडसइंड बैंक में 23.92% तथा जी लिमिटेड में 19.98% की गिरावट देखी गई।
शुक्रवार को तेजी के साथ बंद हुआ था बाजार
चार कारोबारी सत्रों में लगातार गिरावट के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार जबर्दस्त उछाल के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 1627 अंक और निफ्टी 486 अंक चढ़ कर बंद हुआ था। उस दिन निवेशक कुल 6.32 लाख करोड़ कमाए थे। मार्केट कैप की बात करें तो पिछले सप्ताह सेंसेक्स की टॉप-10 में आठ कंपनियों का मार्केट कैप 3.63 लाख करोड़ की गिरावट आई थी।
-एजेंसियां

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