अपने कर्मचारियों को घरेलू हिंसा से बचाने को हिंदुस्तान युनिलीवर ने बनाई पॉलिसी

मुंबई। दिग्गज एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान युनिलीवर ने अपने कर्मचारियों को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए एक नीति (Policy) बनाई है। संभवतः देश में पहली बार किसी कंपनी ने इस तरह की नीति बनाई है। इसका मकसद काम के इतर निजी जिंदगी में भी कर्मचारियों का ध्यान रखना है। कंपनी ने ऐसे समय यह नीति बनाई है जब ऑफिस में काम करने वाले कई कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं।
इस पॉलिसी का मकसद घरेलू हिंसा का शिकार कर्मचारियों की मदद करना है। इसके तहत उनकी पहचान उजागर नहीं की जाएगी। इसके तहत कर्मचारी को तुरंत मेडिकल हेल्प और साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सपोर्ट दिया जाएगा। साथ ही उन्हें 10 दिन की पेड लीव, 15 दिन के लॉजिंग और बोर्डिंग खर्च का रिइंबर्समेंट और किसी अन्य शहर में कंपनी के ऑफिस में एक महीने तक टेम्पररी वर्क अरेंजमेंट किया जाएगा।
घरेलू हिंसा के मामले बढ़े
एचयूएल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (HR) अनुराधा राजदान ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि दुनिया भर में महामारी के कारण महिलाएं ज्यादा प्रभावित हुई हैं। दुनिया भर में घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं। हम समाज में जो बदलाव लाना चाहते हैं, उसके लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश करना चाहते हैं। यह पॉलिसी इसी दिशा में एक कदम है।
लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामले तेजी से बढ़े हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के पास घरेलू हिंसा की शिकायतें लॉकडाउन के पहले महीने दोगुना हो गई। 27 फरवरी से 22 मार्च के दौरान 123 शिकायतें मिली थीं जबकि 23 मार्च से 22 अप्रैल के बीच यह संख्या 250 पहुंच गई। अध्ययनों से पता चला है कि जब लोग घरेलू हिंसा का शिकार होते हैं तो कई बार उन्हें अपने करीबियों से सपोर्ट नहीं मिलता है।
-एजेंसियां

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