हिमाचल में Orange Alert जारी, भारी बर्फबारी से 350 सड़कें बंद

नई दिल्‍ली। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के चलते मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा Orange Alert जारी कर दिया है। भारी बर्फबारी के ये हालात 25 फरवरी तक बने रहने के आसार हैं इससे फिलहाल 350 सड़कें बंद हो गई हैं।

हिमाचल में जारी भारी बर्फबारी से पहाड़ी क्षेत्रों में दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। बुधवार के लिए मौसम विज्ञान केंद्र ने Orange Alert जारी करते हुए सरकार को सतर्क रहने की अपील की है। 25 फरवरी तक प्रदेश में बारिश-बर्फबारी का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

बारिश- बर्फबारी से तीन हाईवे समेत प्रदेश में छोटी-बड़ी करीब 350 सड़कें बंद हो गई हैं।

शिमला- रामपुर, कुल्लू-आनी और चंबा-भरमौर एनएच पर आवाजाही थम गई है। एचआरटीसी की दो दर्जन बसें जगह-जगह बर्फ में फंस गई हैं।

करीब दो सौ बस रूट ठप हो गए हैं। लाहौल, किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा, सिरमौर के कई क्षेत्रों का संपर्क कट गया है। बर्फबारी होने से राजधानी शिमला का अपर शिमला और किन्नौर से संपर्क कट गया है।

नेशनल हाईवे पांच शिमला-रामपुर प्रभावित है। शिमला-रोहड़ू मार्ग पर भी आवाजाही बाधित है। देश के कई क्षेत्रों में बुधवार और वीरवार को भारी बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी हुई है।

क्या होते हैं मौसम के रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम विभाग समय-समय पर ऐसे अलर्ट्स जारी करता है। क्या आपको पता है कि मौसम के बारे में सचेत करने के लिए भी कुछ चुनिंदा रंगों का प्रयोग किया जाता है। जैसे रेड अलर्ट, येलो अलर्ट या फिर ऑरेन्ज अलर्ट। मौसम विभाग के अनुसार अलर्ट्स के लिए रंगों का चुनाव कई एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया है।

खासकर भीषण गर्मी, सर्द लहर, मानसून या चक्रवाती तूफान आदि के बारे में जानकारी देने के लिए इन कलर अलर्ट का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे-जैसे मौसम अपने चरम की ओर बढ़ता है, वैसे-वैसे अलर्ट गहरा लाल होता चला जाता है। इसी तरह किसी चक्रवाती तूफान की भीषणता भी इन्ही कलर कोड से होती है। जितना भीषण चक्रवात उतना ही ज्यादा लाल अलर्ट होता जाता है।

ग्रीन – कोई खतरा नहीं

येलो अलर्ट – खतरे के प्रति सचेत रहें। मौसम विभाग के निदेशक चरण सिंह ने बताया कि येलो अलर्ट के तहत लोगों को सचेत रहने के लिए अलर्ट किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह अलर्ट जस्ट वॉच का सिग्नल है।

ऑरेंज अलर्ट – खतरा, तैयार रहें। मौसम विभाग के निदेशक चरण सिंह के अनुसार जैसे-जैसे मौसम और खराब होता है तो येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज कर दिया जाता है। इसमें लोगों को इधर-उधर जाने के प्रति सावधानी बरतने को कहा जाता है।

रेड अलर्ट – खतरनाक स्थिति। चरण सिंह ने बताया कि जब मौसम खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है और भारी नुकसान होने की आशंका होती है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है।

 

-एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *