आंगनबाड़ी केंद्रों में म्यूजिक सिस्टम लगाएगी Himachal सरकार

शिमला। अब Himachal के आंगनबाड़ी केंद्र क्रेचिस (बच्चों के खेलने, रहने का स्थान) की तर्ज पर बनेंगे। जो अभिभावक बच्चों को मनोरंजन, खेलने और सिखाने के लिए निजी क्रेच में रुपये देते हैं, उन्हें अब सूबे के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी यह सुविधा मिलेगी।
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों में सीखने की क्षमता बढ़ाने और उनके मनोरंजन को म्यूजिक सिस्टम लगेंगे। विभाग ने म्यूजिक सिस्टम देने की कवायद शुरू कर दी है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में इन्हें वितरित कर दिया गया है, जबकि कइयों में वितरण प्रक्रिया चली हुई है।

साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के विकास को एक 16 जीबी का पेन ड्राइव भी देगा। इसमें कविताएं, गाने और अन्य धुनों सहित राइमिंग शब्द भी शामिल रहेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की सीखने की क्षमता अनुसार इस पेन ड्राइव में गाने या अन्य विकासात्मक विचार और धुनें भरवा सकती हैं।

इससे बच्चों को मनोरंजन के साथ सीखने को मिलेगा। इसके अलावा विभाग सूबे के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को सफेद बोर्ड (लिखने वाला), ब्लूटुथ, टिक-टॉक झूला, खंजरी, बिल्डिंग ब्लॉक, पजल्स और अन्य क्रिएटिव सामग्री भी वितरित करेगा।

इससे बच्चों को क्रिएटिव चीजें करने में मदद मिलेगी। म्यूजिक सिस्टम के सहयोग से बच्चों को राइमिंग शब्द सीखने और कविताएं पढ़ने में सहयोग मिलेगा। जिला हमीरपुर में कुल 1352 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें म्यूजिक सिस्टम दिए जा रहे हैं।

पूर्व में कई आधुनिक झूले और उपकरण सूबे के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों को मिले हैं, जबकि अब यह उपकरण सभी केंद्रों को मिलेंगे। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग हमीरपुर तिलकराज आचार्य ने कहा कि प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए म्यूजिक सिस्टम, पेन ड्राइव, ब्लूटुथ, टिक-टॉक झूला, खंजरी और अन्य क्रिएटिव चीजें दी जा रही हैं। हमीरपुर में इस सामग्री का वितरण अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों में कर दिया गया है। अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों को भी यह सामग्री वितरित कर दी जाएगी।

-एजेंसी

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