पाकिस्तान को कत्था और आलू बीज निर्यात नहीं करेंगे Himachal के कारोबारी

शिमला। Himachal pradesh से अब पाकिस्तान को कत्था का निर्यात नहीं होगा। पुलवामा आतंकी हमले के बाद कारोबारियों में आक्रोश है। प्रदेश कत्था उद्योग के कारोबारियों ने कहा कि पाकिस्तान के साथ कत्था का कोई भी व्यापार नहीं किया जाएगा।
कत्था उद्योगपतियों के मुताबिक Himachal से हर साल टनों की मात्रा में कत्था का निर्यात पाकिस्तान के लिए किया जाता है। कत्था के निर्यात से करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। प्रदेश से कत्था को दिल्ली और कोलकाता के लिए भेजा जाता है।

इसके बाद भारत में कत्था के डीलर पाकिस्तान के कराची के लिए कत्था की सप्लाई करते हैं। जानकारी के मुताबिक हर साल करीब 20 से 25 बार कत्था का निर्यात पाकिस्तान के लिए होता है।

प्रदेश के कत्था कारोबारियों के मुताबिक फैक्ट्रियों में खैर की लकड़ी से कत्था को बनाया जाता है। कत्था के दाम अधिक हैं जबकि कत्था से निकाले गए cutch (काछ) की कत्था के मुताबिक कम दाम हैं। पाकिस्तान को डिमांड के हिसाब से कत्था निर्यात किया जाता है।

पाकिस्तान के साथ कत्था का निर्यात बंद : चड्ढा
ऊना के  कारोबारी सुरेश चड्ढा ने बताया कि फैक्ट्री से तैयार किए गए कत्था को पाकिस्तान को निर्यात नहीं किया जाएगा। भारत में भी इसकी डिमांड अधिक है। इसे भारत में ही दवाइयों में इस्तेमाल किया जाएगा।

पान मसाले में कत्था का उपयोग
कत्था (काछ) का उपयोग पान के मसाले में किया जाता है। पाकिस्तान में लाखों किसान और गरीब लोग कत्था का उपयोग खाने के पान के इस्तेमाल करते हैं।

अब लाहौल से कभी भी पाकिस्तान निर्यात नहीं किया जाएगा आलू बीज

हिमाचल के दुर्गम क्षेत्र लाहौल घाटी में उत्पादित बीज आलू को अब कभी भी पाकिस्तान को निर्यात नहीं किया जाएगा। पुलवामा में भारतीय जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद सोलन ने टमाटर, सिरमौर ने अदरक, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा ने कत्था की फसल को पाकिस्तान भेजने से पहले ही मना कर दिया है। इसी बीच लाहौल पोटेटो सोसायटी (एलपीएस) ने पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्ते खत्म करने का एलान कर दिया है।

पाकिस्तान ने पिछले कुछ अरसे से बीज आलू की मांग नहीं की है, लेकिन करीब ढाई दशक पूर्व लाहौल पोटेटो सोसायटी ने पाकिस्तान को 123 टन बीज आलू सप्लाई किया था। लाहौल घाटी में उत्पादित बीज आलू की देश में अपनी अलग पहचान है। पाकिस्तान ने भी यहां से नेफेड के माध्यम से बीज आलू की खरीदारी की थी। देश के विभिन्न राज्यों पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड त्रिपुरा मेघालय राज्यों को हर बार निर्यात किया जाता है।

जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के किसान भारी मात्रा में आलू की पैदावार कर देश के विभिन्न राज्यों को अपने सोसायटी के माध्यम से आपूर्ति करते हैं। दी लाहौल आलू उत्पादक संघ (एलपीएस) के चेयरमैन कमल सिंह ने बताया कि 1995-96 में पाकिस्तान की डिमांड पर नेफेड के माध्यम से 123 टन बीज आलू पाकिस्तान को निर्यात किया गया था। अब सोसायटी कभी भी पाकिस्तान की मांग को पूरा नहीं करेगी।

-एजेंसी

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