बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को पलीता लगा रही है हाईवे पुलिस, पार्षद के दबाव में पीड़ित परिवार को ही आरोपी बनाया

मथुरा। एक ओर जहां केंद्र के साथ राज्‍य सरकारें भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को साकार करने के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं वहीं दूसरी ओर कुछ पुलिसकर्मी मनमाने तरीके से बेटियों को झूठे मामलों में फंसाकर उनका पूरा भविष्‍य चौपट करने पर आमादा हैं।
ऐसा ही एक कारनामा जनपद के थाना हाईवे की पुलिस ने पार्षद के दबाव में पीड़ित परिवार को ही उनकी दो बेटियों सहित आरोपी बनाकर किया है। हालांकि इस संबंध में पीड़ित परिवार ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्‍याय की गुहार लगाई है किंतु फिलहाल कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही।
थाना हाईवे अंतर्गत सराय आजमाबाद निवासी ममता पत्‍नी प्रमोद ने इस संबंध में एसएसपी के नाम दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया है कि गत 9 फरवरी को करीब 3 बजे जब वह अपनी 14 वर्षीय पुत्री निकिता के साथ क्षेत्रीय राशन डीलर के यहां राशन लेने गई थी तो वहां मौजूद पार्षद श्‍याम सिंह तथा विरजन सिंह, गजेन्‍द्र सिंह, प्रहलाद व भिक्‍को आदि उसके और उसकी पुत्री के साथ अश्‍लील हरकतें करने लगे। ममता द्वारा उनका विरोध करने पर पार्षद श्‍याम सिंह ने ममता में थप्‍पड़ मारा तथा बेटी के कपड़े फाड़ने लगे।
ममता के अनुसार ये लोग उसकी बेटी निकिता को खींच कर ले जाने लगे और बोले के हम तुझे सबक सिखाएंगे।
ममता ने पत्र में लिखा है कि वह अपनी पुत्री के साथ जैसे-तैसे बचते हुए घर पहुंची तो ये लोग वहां भी जा पहुंचे और इन्‍होंने घर के अंदर घुसकर मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
यही नहीं, बाद में भी हमलावर घर के बाहर बैठे रहे और पुलिस से शिकायत करने की सूरत में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देने लगे जिस कारण तत्‍काल पुलिस को सूचना नहीं मिल सकी।
ममता ने अपने पत्र के साथ इस दौरान 100 नंबर पर पुलिस से कई बार मदद मांगने का भी ब्‍यौरा दिया है लेकिन कंट्रोल रूम की पुलिस ने उनके फोन रिसीव ही नहीं किए।
ममता ने लिखा है कि हमलावरों के चले जाने पर वह थाना हाईवे गई और सारी घटना लिखकर दी किंतु पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय पाषर्द के प्रभाववश टहला दिया।
पुलिस की कारगुजारी यहीं खत्‍म नहीं, उसने इसके बाद पार्षद के राजनीतिक प्रभाववश पीड़ित महिला ममता व उसकी दूसरी दो पुत्रियों ज्‍योति एवं पूजा सहित बेटों आकाश व विकास के खिलाफ 9 फरवरी की ही शाम को झूठी घटना दिखाकर संगीन धाराओं 147, 148, 149, 323, 324, 307 व 504 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली।
पुलिस की पार्षद से मिलीभगत का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस घटना को पुलिस ने शाम साढ़े चार बजे दर्शाया है, उसके एक कथित पीड़ित का मेडीकल सवा चार बजे करा दिया गया।
अब पुलिस इस झूठे मामले में भी लगातार दबिश दे रही है जिससे ममता व उसका परिवार भारी परेशान है।
ममता की ओर से एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में इस पूरे मामले की जांच निष्‍पक्ष तरीके से कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई है ताकि निर्दोष लड़कियों का भविष्‍य बर्बाद होने से बचाया जा सके और परिवार का उत्‍पीड़न बंद हो।
ममता के अनुसार झूठे केस में आरोपी बनाई गई उनकी एक पुत्री फीजियोथैरेपिस्‍ट है जबकि दूसरी सिविल सर्विस के लिए तैयारी कर रही है।
-Legend News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »