गुरमीत Ram Rahim को पैरोल देने से हाईकोर्ट का इंकार

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आज डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत Ram Rahim को पैरोल देने से इंकार कर द‍िया है। एक बार फ‍िर Ram Rahim की जेल से बाहर आने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए राम रहीम को पैरोल देने से इंकार कर दिया।

गौरतलब है क‍ि राम रहीम की पत्नी हरजीत कौर ने राम रहीम को तीन सप्ताह की पैरोल देने की याचिका दायर की थी। अपनी याचिका में हरजीत कौर ने बताया कि उसकी सास और राम रहीम की मां नसीब कौर गंभीर रूप से बीमार हैं। वे अपने बेटे के बिना इलाज करवाने से इनकार कर रही हैं।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सुनारिया जेल अधीक्षक सुनील सांगवान को एक पत्र भेजा। इसमें उन्हें पांच दिन के भीतर पैरोल देने के बारे में अपनी राय देने को कहा था। इसके बाद जेल अधीक्षक सुनारिया ने सिरसा प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी।

सिरसा स्वास्थ्य विभाग के चार डॉक्टरों की कमेटी ने राम रहीम की मां के स्वास्थ्य की जांच की। कमेटी ने पाया कि राम रहीम की मां की हालत गंभीर नहीं है। पुलिस अधीक्षक सिरसा ने अपनी रिपोर्ट में लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए पैरोल देने से इनकार कर दिया।

सिरसा जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर जेल अधीक्षक ने भी अपनी रिपोर्ट में पैरोल देने से इनकार कर दिया। जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर अब हाईकोर्ट ने भी राम रहीम को पैरोल देने से इंकार कर दिया है।

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 को दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म का दोषी करार दिया गया था। उसके बाद पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में भी उम्रकैद की सजा हुई है। तभी से राम रहीम सुनारिया जेल में बंद है।

खेतीबाड़ी के लिए 42 दिन की पैरोल मांग चुका है राम रहीम

इससे पहले भी राम रहीम ने खेतीबाड़ी के लिए 42 दिन की पैरोल मांगी थी। जिसमें उपायुक्त सिरसा की रिपोर्ट मांगी गई थी। मामला तूल पकड़ने पर राम रहीम ने पैरोल की याचिका वापस ले ली थी।

दत्तक पुत्री की शादी के लिए भी मांगी थी पैरोल

एक बार राम रहीम ने अपनी दत्तक पुत्री की शादी के लिए पैरोल मांगी थी, लेकिन नहीं मिली।

इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज ने दुष्कर्म के आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया था। वह डेरा प्रमुख की सजा के बाद, 25 अगस्त 2017 में हरियाणा के पंचकुला में हुई हिंसा के मामले में जेल में है। अब इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाएगा ताकि मामले को अन्य पीठ को सौंपा जा सकें।

उनके (हनीप्रीत) वकील ने कहा कि हिंसा में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और बाद में उनका नाम एफआरआई में दर्ज हुआ। गुरमीत राम रहीम को दो महिलाओं संग दुष्कर्म के चलते अगस्त 2017 में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।

– एजेंसी

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