पंजाब पुलिस को हाई कोर्ट का आदेश: राधे मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें

चंडीगढ़। खुद को देवी का अवतार बताने वालीं राधे मां की मुश्किल बढ़ गई है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राधे मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब पुलिस को आदेश दिया है कि उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए।
हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को यह निर्देश फगवाड़ा निवासी सुरिंदर मित्तल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। स्वघोषित धर्म गुरु राधे मां को इस मामले में दो साल पहले पंजाब पुलिस ने पूछताछ के लिए समन भेजा था। सुरिंदर ने अगस्त 2015 में पंजाब पुलिस से राधे मां के खिलाफ शिकायत की थी।
क्या है पूरा मामला
खुद को देवी कहने वाली राधे मां ने तकरीबन 15 साल पहले पंजाब के फगवाड़ा में एक जागरण किया था। इस दौरान राधे मां का विरोध शुरू हो गया। ये प्रदर्शन तीन घंटे बाद तब खत्म हुआ था, जब राधे मां ने माफी मांग ली। इस विरोध की अगुवाई सुरिंदर मित्तल ने ही की थी।
सुरिंदर मित्तल का आरोप है कि उनके फोन पर राधे मां लगातार उन्हें परेशान करने वाले वॉट्सऐप मेसेज और कॉल्स करती रही हैं। शिकायत में राधे मां समेत 5 लोगों पर आरोप हैं। फगवाड़ा पुलिस इस मामले में सुरिंदर मित्तल के बयान दर्ज करा चुकी है। सुरिंदर फोन की रिकॉर्डिंग भी पंजाब पुलिस को दे चुके हैं।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में विवादित धर्मगुरुओं की मुश्किलें बढ़ रही हैं। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट रेप के मामले में 20 साल की सजा सुना चुकी है। वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं। हरियाणा और पंजाब में डेरा सच्चा सौदा के काफी अनुयायी हैं। मंगलवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सिरसा स्थित डेरे के मुख्यालय में पुलिस को तलाशी लेने की इजाजत दे दी है।
-एजेंसी