हाई कोर्ट बैंच ने अपने Order में बताया गाय का धार्मिक महत्‍व और उपयोगिता

लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक Order में गायों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। हाई कोर्ट ने कहा कि गायों का धार्मिक महत्व है। जस्टिस ने कहा कि खान-पान की आदत अलग-अलग होती है लेकिन यह नफरत का आधार नहीं बनना चाहिए।
हाई कोर्ट ने गोकशी के केस के आधार पर लगे गैंगस्टर में बंद एक अभियुक्त को जमानत देते हुए समाज में गायों की उपयोगिता पर गुरुवार को प्रकाश डाला है। कोर्ट ने अपने Order में कहा कि मां के दूध के बाद गाय का ही दूध सबसे उत्तम होता है। गायों का न केवल धार्मिक महत्व होता है, अपितु उनका आर्थिक महत्व भी बहुत होता है।

यह Order जस्टिस एआर मसूदी की एकल पीठ ने विवेक शुक्ला की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याची का कहना था कि उसके ऊपर गोकशी का केस दर्ज होने के बाद गैंगस्टर लगाया गया था, लेकिन उसे अदालत से जमानत मिल गई। जैसे की उसे जमानत मिली सरकार ने उस पर फिर से गैंगस्टर लगा दिया। कोर्ट ने परिस्थितियों पर गौर करके याची को जमानत दे दी।
जमानत के Order में ही कोर्ट ने कहा कि गायों का गोबर खेती के लिए महत्वपूर्ण होता है। कोर्ट ने राज्य सरकार के स्थानीय एवं नगरी निकाएं से अपेक्षा की है कि प्रत्येक एक हजार जनसंख्या पर एक गौशाला का निर्माण करवाएं। साथ ही बेकार हो चुके व बछड़ों की व्यवस्था के लिए स्लॉटर हाउस खोले जाएं। कोर्ट ने कहा कि खान पान की आदत अलग-अलग हो सकती है, किंतु यह नफरत का आधार नहीं बनना चाहिए।
-एजेंसियां

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