यहां कूदने पर कांपती है धरती, और पानी ऊपर की ओर बहता है

यदि कोई आपसे कहे कि उसके कूदने से धरती कांपती है, तो आप इसे मजाक समझेंगे। लेकिन अगर आप छत्तीसगढ़ में मौजूद हैं तो आपको इस बात पर यकीन करना पड़ेगा।
जी हां, छत्तीसगढ़ में एक ऐसा स्थान है, जहां कूदने पर धरती कांपती है। साथ ही यहां पानी नीचे के बजाए ऊंचाई की ओर बहता है। इस स्थान का नाम है मैनपाट और यहां हम आपको इस स्थान के बारे में सारी जानकारी दे रहे हैं।
फेमस हिल स्टेशन है मैनपाट
मैनपाट छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित एक फेमस हिल स्टेशन है। मैनपाट को लोग छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’ भी कहते हैं। बेहद खूबसूरत मैनपाट सरगुजा जिले का एक छोटा सा गांव है, जो माण्ड नदी के उद्गम स्थल भी है।
कूदने पर हिलती है धरती
मैनपाट के पास ही जलजली नाम का एक स्थान है। यहां लगभग तीन एकड़ ऐसी जमीन है, जो काफी नर्म है और इसपर कूदने पर ऐसा प्रतीत होता है धरती हिल रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि कभी इस स्थान पर कोई जलस्रोत मौजूद रहा होगा और बाद में यह स्थान ऊपर से सूख गया लेकिन अंदर जमीन दलदली रह गई, जिसके कारण ऐसा होता है।
वैज्ञानिक क्या कहते हैं?
वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी के आंतरिक दबाव और पोर स्पेस (खाली स्थान) में सॉलिड के बजाए पानी भरे होने के कारण यह स्थान दलदली और स्पंजी लगती है। जब भी कोई व्यक्ति उस स्थान पर कूदता है तो जमीन दब जाती है और फिर वापस अपने पुराने स्वरूप में आ जाती है।
बेहद खूबसूरत है मैनपाट
मैनपाट बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां आपको हर तरफ हरियाली, जंगल, नदियां, झरने नजर आएंगे। यह स्थान लोगों को काफी पसंद आता है। यहां मौजूद खूबसूरत वादियों और झरनों के कारण यहां का मौसम गर्मियों में भी काफी ठंडा रहता है।
सरभंजा फॉल की खूबसूरती
मैनपाट में माण्ड नदी पर सरभंजा फॉल स्थित है। यह स्थान इको पॉइंट या टाइगर पॉइंट के नाम से फेमस है। जिला मुख्यालय अंबिकापुर से यह स्थान 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
उल्टा बहता है पानी
मैनपाट आने वाले सैलानियों के आकर्षण का एक कारण ‘उल्टा पानी’ भी है। यह एक ऐसी जगह है, जहां पानी का बहाव नीचे के बजाए ऊपर की ओर यानी ऊंचाई की तरफ है। इस स्थान पर अगर आप अपनी गाड़ी को न्यूट्रल में खड़ी करते हैं तो अपने आप 110 मीटर तक पहाड़ी की ओर चली जाती है।
मैग्नेटिक फील्ड ज्यादा प्रभावी
वैज्ञानिकों का कहना है कि मैनपाट में मौजूद इस जगह में गुरुत्वाकर्षण बल से ज्यादा प्रभावी मैग्नेटिक फील्ड है, जो पानी या गाड़ी को ऊपर की तरफ खींचता है। बता दें कि भारत में ऐसी सिर्फ 5 और दुनिया भर में 64 जगह हैं।
पहले भूतिया मानते थे लोग
मैनपाट की इन खूबियों के कारण कुछ साल पहले तक लोग इस जगह को भूतिया मानते थे लेकिन राज्य पर्यटन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रचार के कारण लोगों में जागरूकता बढ़ी है और यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है।
बेहद आसान है मैनपाट पहुंचना
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मैनपाट की दूरी करीब 390 किलोमीटर है। यहां पहुंचने के लिए आपको रायपुर से अंबिकापुर आना होगा। अंबिकापुर जिला मुख्यालय पहुंच कर आप टैक्सी या बस से यहां पहुंच सकते हैं। बारिश के मौसम को छोड़कर आप कभी भी यहां आ सकते हैं।
छत्तीसगढ़ का तिब्बत
मैनपाट को छत्तीसगढ़ का तिब्बत भी कहा जाता हैं। यहां तिब्बती शरणार्थियों को 1962 में बसाया गया था। तिब्बती लोगों का जीवन और बौध मंदिर यहां आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मैनपाट कालीन और पामेरियन कुत्तों के लिए भी फैमस है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *