…यहां चल रही है एक अलग ही चुनाव की चर्चा

लोकसभा चुनाव का ऐलान कभी भी हो सकता है। देशभर में चुनावी सरगर्मियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। हालांकि, इस सबसे बेखबर कोलकाता के प्रेसिडेंसी सुधार गृह के कैदियों के बीच एक अलग ही चुनाव की चर्चा चल रही है। यहां कैदियों के बीच उनके लोकल पंचायती चुनाव को लेकर माहौल बन रहा है।
जानकारी के मुताबिक इसी पंचायत के माध्यम से जेल में बंद कैदियों के मुद्दों को जेल प्रशासन के सामने उठाया जाता है। जेल सूत्रों के मुताबिक, पंचायत चुनावों के लिए 16 मार्च की तारीख तय की गई है। हालांकि, अभी तक उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल नहीं किया है। अभी कई वॉर्डों में उम्मीदवारों के चयन का काम चल रहा है।
बताया गया कि इस चुनाव में ना सिर्फ उम्मीदवार के सिलेक्शन पर ध्यान दिया जाता है, बल्कि उनके लोगो तैयार करने को भी काफी महत्व दिया जाता है। पिछली बार यह चुनाव साल 2017 में हुआ था। एक जेल अधिकारी ने बताया कि इस चुनाव में राजनीति नहीं होती है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से मित्रवत भाव पर आधारित है। जो चुनाव में जीतते हैं, वे दूसरों को पार्टी देते हैं।
सुधार गृह के नियमों के मुताबिक जो किसी मामले में दोषी पाए गए हैं और जेल में सजा काट रहे हैं, वही वोट देने के योग्य हैं। अंडर ट्रायल कैदी इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। बताया गया है कि 16 मार्च को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोटिंग चलेगी। चुनाव के अधिकारी जेल प्रशासन से चुने जाते हैं। इस चुनाव में कैदी ज्यादा से ज्यादा 6 उम्मीदवारों के लिए वोट कर सकते हैं।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »