हेमा मालिनी ने खुद कहा या कहलवाया गया…कि यह मेरा आखिरी चुनाव है

मथुरा। मथुरा से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद और लोकसभा उम्मीदवार हेमा मालिनी ने सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी के समक्ष नामांकन दाखिल किया। इसी के साथ उन्होंने ऐलान कर दिया है कि वह अगली बार स्वयं चुनाव न लड़कर युवाओं को आगे आने का मौका देंगी और खुद संगठन के कार्य करना पसंद करेंगी।
हेमा मालिनी के मुंह से अचानक यह सुनने के बाद एक प्रश्‍न यह उठ रहा है कि हेमा मालिनी ने खुद ऐसा कहा है या उनसे कहलवाया गया है?
चुनाव के संयोजन और पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. डी पी गोयल और चार अन्य प्रस्तावक व समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने के बाद हेमा मालिनी ने कहा, ‘यह मेरा आखिरी चुनाव है। मैं इसके बाद कोई चुनाव नहीं लड़ूंगी और इसकी जगह संगठन में रहकर जनता की भलाई के कार्य करना चाहूंगी। बरसों से मेरा सपना था कि मैं मथुरा के लिए कुछ कर सकूं इसलिए पिछले पांच वर्षों में काफी-कुछ करने की कोशिश की लेकिन अभी बहुत कुछ करना रह गया है। उम्मीद करती हूं कि यहां की जनता मुझे वह सब भी करने का मौका देगी। मैं इस नगरी को कृष्ण काल के समान ही भव्य एवं दिव्य नगरी बनाना चाहती हूं।’
वैसे हेमा मालिनी द्वारा इस चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बताए जाने के पीछे कई प्रमुख कारण है। इन कारणों में सबसे पहला और अहम कारण भाजपा की मथुरा इकाई में उनकी दोबारा उम्‍मीदवारी को लेकर भारी रोष बताया जा रहा है।
गत दिनों संगठन की एक बैठक में इस मुद्दे पर पार्टीजनों के बीच अच्‍छी-खासी तकरार देखने को मिली थी। इस तकरार के दौरान पार्टीजनों ने खुलकर कहा कि मथुरा के लिए यदि इसी प्रकार हर बार प्रत्‍याशी बाहर से लाए जाते रहे तो मथुरा पूरी तरह बंजर बनकर रह जाएगी। यह न कोई नेता रहेगा और न किसी को भाजपा में रुचि रहेगी। पार्टी सूत्रों की मानें तो एकजुटता बनाए रखने के लिए ही हेमा मालिनी से ये घोषणा करवाई गई है कि ये उनका आखिरी चुनाव है।
हो सकता है कि हेमा मालिनी की इस घोषणा से पार्टी में व्‍याप्‍त असंतोष कुछ कम हो सके और एकबार फिर पार्टी के कार्यकर्ता हेमा मालिनी की जीत के लिए कमर कस लें।
पर्चा भरने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना की। ठाकुरजी का आशीर्वाद लेकर हेमा मालिनी ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपना नामांकन दाखिल किया। उल्लेखनीय है कि हेमा मालिनी ने 16वीं लोकसभा के लिए 2014 में हुए चुनाव में तत्कालीन सांसद जयंत चौधरी को तीन लाख 30 हजार से भी अधिक मतों से शिकस्त देकर यह सीट राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) से हासिल की थी। उनके खिलाफ यहां से कांग्रेस ने महेश पाठक को उम्मीदवार बनाया है। एसपी-बीएसपी के गठबंधन समर्थित राष्ट्रीय लोकदल ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है।
-Legend News

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