HelpAge इंडिया का सर्वे: इन 5 शहरों में बुजुर्गों के साथ होता है सबसे ज्यादा दुर्व्यवहार

नईदिल्‍ली। HelpAge इंडिया द्वारा 23 शहरों में कराए गए  सर्वे के मुताबिक दिल्ली, भारत के ऐसे पांच शहरों में बुजुर्गों के साथ बहुत ज्यादा दुर्व्यवहार होता है। हैल्पएज इंडिया ने 23 शहरों की एक रिपोर्ट आज जारी की है। इसके मुताबिक बुजुर्गों के साथ सबसे ज्यादा दुर्व्यवहार मैंगलोर (47 फीसदी), उसके बाद अहमदाबाद (46 फीसदी), भोपाल (39 फीसदी) अमृतसर (35 फीसदी) और दिल्ली (33 फीसदी) में होता है।

इस शोध का उद्देश्य यह पता लगाना था कि दुर्व्यवहार किस हद तक, कितना ज्यादा, किस रूप में, कितनी बार होता है और इसके पीछे कारण क्या हैं। इसमें पता चला कि लगभग एक चौथाई बुजुर्ग आबादी व्यक्तिगत तौर पर उत्पीड़न का सामना करती हैं, और उनका उत्पीड़न करने वालों में ज्यादातर या तो उनके बेटे (52 फीसदी) होते हैं या फिर उनकी बहुएं (34 फीसदी)।

क्‍या है सीनियर सिटीजन्स एक्ट-2007
पारिवारिक दुर्व्‍यवहार से बुजुर्गों को संरक्षण देने वाला ‘सीनियर सिटीजन्स एक्ट-2007’ मौजूद होने के बावजूद ज्यादातर बुजुर्गों को इसकी जानकारी नहीं है और न ही वे यह जानते हैं कि अपना अधिकार पाने के लिए वे क्या कर सकते हैं और इस कानून के लागू होने के बाद से अब तक बहुत कम लोगों ने ही इसका इस्तेमाल किया है।
इस कानून के अंतर्गत दोषी को 3 मास कैद की भी व्यवस्था है। अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ बुजुर्ग अपने परिजनों द्वारा भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं तथा नि:संतान बुजुर्ग अपने उन रिश्तेदारों पर भरण-पोषण का दावा भी कर सकते हैं जिन्होंने उनकी सम्पत्ति पर कब्जा कर रखा हो या जो उन्हें विरासत में मिलने वाली हो।
इस कानून के अंतर्गत पीड़ित बुजुर्ग के लिए भोजन, कपड़ा, आवास, चिकित्सा और गुजारे के लिए अधिकतम 10,000 रुपए प्रति मास गुजारा राशि भी प्राप्त कर सकने तक का प्रावधान है।
बहरहाल इस संबंध में जो सांत्वनादायक बात सामने आई, वह यह है कि अपने माता-पिता द्वारा परिवार के बुजुर्गों से किए जाने वाले दुर्व्‍यवहार के संबंध में बताने के लिए अब कहीं-कहीं उनके पोते-पोतियां ही आगे आने लगे हैं।
हमारे लिए यह महसूस करना बहुत जरूरी है कि एक दिन हमें भी बूढ़े होना है और तब हमारे साथ हमारे बच्चे भी वैसा ही व्यवहार करेंगे जो हम अपने बुजुर्गों से कर रहे हैं। अत: जितनी जल्दी हम अपने भीतर बुजुर्गों के सम्मान के संस्कार पैदा कर लेंगे उतना ही अच्छा होगा।

HelpAge इंडिया के सीईओ मैथ्यू चेरियन का कहना है कि-

HelpAge इंडिया के सीईओ मैथ्यू चेरियन ने कहा, ”दुर्भाग्य से बुजुर्गों का उत्पीड़न घर से शुरू होता है और इसे अंजाम वे लोग देते हैं जिन पर वह सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं। उन्होंने बताया, ”इस वर्ष, दुर्व्यवहार को अंजाम देने वाले लोगों में सबसे पहले बेटे हैं, उसके बाद बहुएं हैं।

HelpAge इंडिया के पहले के सर्वेक्षणों में पाया गया कि बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों में सबसे आगे बहुएं होती हैं। इसमें यह भी पता चला कि दुर्व्यवहार के शिकार 82 फीसदी बुजुर्ग परिवार की खातिर इसकी शिकायत नहीं करते या वह यह नहीं जानते कि समस्या से किस प्रकार निपटा जा सकता है।
-एजेंसी

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