सिरसा डेरे से पुलिस को मिले भारी मात्रा में हथियार

सिरसा। डेरा सच्चा सौदा के सिरसा डेरे से पुलिस को भारी मात्रा में हथियार मिले हैं। पुलिस ने एक अभियान के दौरान ये हथियार डेरे से बरामद किये हैं। इनमें कई राइफल, रिवॉल्वर और गन शामिल हैं। हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा के डेरों से हथियार बरामद होने का सिलसिला जारी है।
पुलिस ने एक बार फिर अभियान के तहत कार्यवाही करते हुए डेरे से हथियार बरामद किए हैं। रोहतक की सुनरिया जेल में कैद गुरमीत राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय से पुलिस को भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा मिला है। इन हथियारों में कई राइफल, रिवॉल्वर और अलग-अलग तरह की बंदूकें शामिल हैं। हरियाणा और पंजाब में अबतक डेरा सच्चा सौदा के कई डेरों और नामचर्चा घरों से हथियार बरामद हो चुके हैं।
सदर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने अपील की थी कि जिन लोगों के पास लाइसेंस हथियार हैं, वो जमा करवाएं। अब तक पुलिस को 33 हथियार जमा करवाए गए हैं। बाकी जिन्होंने हथियार जमा नहीं करवाए हैं पुलिस उनके खिलाफ कार्यवाही करने पर विचार कर रही है। सिरसा डेरे से इतने हथियार बरामद होने से पुलिस भी हैरान है। डेरे से बरामद किए गए हथियारों को पुलिस ने सिरसा के सदर थाने में रखा गया है। पुलिस डेरे से बरामद हुए हथियारों की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में यहां हथियार क्यों जुटाए गए थे।
वहीं सोमवार को डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में से 110 डेरा प्रेमियों को रोडवजे की बसों में उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया गया। इस दौरान मौके पर एडीसी मुनीश नागपाल व महिला थाना प्रभारी सीमा सोढ़ी भी मौजूद रहे।
इससे पहले डेरे की चेयरपर्सन विपसना इंसां ने कहा था कि प्रशासन चाहे तो डेरे में अपना सर्च अभियान चला सकता है। यह उनका काम है। यह बात विपसना ने डेरा प्रबंधन व प्रशासन के बीच हुई बैठक के बाद पत्रकारों से कही। इससे पहले रविवार शाम डेरा प्रबंधन व प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक एसपी कार्यालय में हुई।
डेरा के मुख्य सेवादारों के हवाले किया गया बेशकीमती सामान
गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद उसका बेशकीमती सामान उसके विश्वासपात्रों ने डेरे के मुख्य सेवादारों के हवाले कर दिया ताकि इसे ठिकाने लगाया जा सके। इस सामान में मर्सिडीज, ऑडी जैसी महंगी गाड़ियां भी शामिल हैं। सामान और वाहनों को ठिकाने लगाने का काम 25 अगस्त रात से ही शुरू कर दिया गया था। यही विश्वासपात्र अलग-अलग सेवादारों को गाड़ियां सौंप कर डेरे से बाहर भिजवाते रहे। बता दें कि डेरा प्रमुख के काफिले की गाडिय़ों के अलावा उसके खुद के द्वारा डिजाइन की गई गाड़ियों और बाइक भी भारी मात्रा में डेरे में मौजूद थे।
पारिवारिक सदस्यों के गैराज में भी रखवाई गाड़ियां
सूत्रों की मानें तो डेरा प्रमुख के परिवार के सदस्यों की कोठी के गैराज में भी कई गाड़ियां रखवाई गई हैं। इसके अलावा डेरे से बाहर की कॉलोनियों में रहने वाले सेवादार इन गाड़ियों व बाइकों को पुलिस व अर्धसैनिक बलों की नजरों से बचते हुए अपने-अपने घरों में ले गए। छोटा सामान बैगों और अटैचियों में भरकर छोटी गाड़ियों में महिलाओं के साथ भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो डेरे से बाहर निकाला गया ज्यादातर सामान और गाड़ियां डेरा के साथ लगती कालोनियों में भेजा गया है क्योंकि कॉलोनियों में डेरे के काफी सेवादार रहते हैं।
-एजेंसी