सुप्रीम कोर्ट में लखीमपुर खीरी हिंसा मामले पर सुनवाई हुई, अगली सुनवाई 26 को

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में यूपी सरकार को स्टेटस रिपोर्ट देर से दाखिल करने के लिए फटकार लगाई है.
मामले की सुनवाई की शुरुआत में जब यूपी सरकार के वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट को बताया कि स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है तो चीफ़ जस्टिस ने कहा कि कल हमने स्टेटस रिपोर्ट के लिए देर रात तक इंतज़ार किया था.
चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना की अध्यक्षता में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली वाली तीन जजों की सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने लखीमपुर खीरी मामले की सुनवाई की.
लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसा में तीन किसान और एक पत्रकार समेत आठ लोग मारे गए थे. किसान संगठनों का आरोप है कि किसानों को मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा की थार जीप के नीचे रौंद कर मारा गया है.
आज अदालत में क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और वो सभी जेल में हैं. साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मामले में अब तक कुल 10 अभियुक्त गिरफ़्तार किए गए हैं.
जब सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि इन सभी लोगों की मौजूदा स्थिति क्या है तो साल्वे ने बताया, “4 शख़्स पुलिस हिरासत में हैं और 10 न्यायिक हिरासत में.”
सुप्रीम कोर्ट ने साल्वे से यह भी सवाल किया कि क्या गवाहों और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा की जा रही है या नहीं. इस पर साल्वे ने हां में जवाब दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि लखीमपुर खीरी की जांच में देरी करना बंद करना होगा.
फिर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 अक्तूबर की तारीख़ तय की है.
हालांकि, यूपी सरकार की ओर से और डिटेल रिकॉर्ड में लाने के लिए अधिक समय की मांग की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गवाहों और पीड़ितों के 164 के तहत बयान जल्द से जल्द दर्ज कराए जाएं. साथ ही गवाहों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए.
-एजेंसियां

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