स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, मरीजों का रिकवरी रेट और बढ़ा

नई दिल्‍ली। देश में कोविड-19 मरीजों का रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब मरीजों का रिकवरी रेट 29.36% पर पहुंच चुका है। इसका मतलब है कि अब तक भर्ती हुए हर तीन में से 1 मरीज रिकवर हो चुका है। हालांकि उन्होंने जारी गाइडलाइंस के मुताबिक सोशल डिस्टैंसिंग जैसे नियमों के पालन पर जोर दिया और कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ सकता है।
216 जिले अब तक कोरोना मुक्त
कोरोना पर डेली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अग्रवाल ने बताया कि देश के 216 जिले कोरोना से अब तक अछूते हैं और वहां एक भी कोरोना केस रिपोर्ट नहीं हुआ है। वहीं, 42 जिलों में पिछले 28 दिनों से, 29 जिलों में पिछले 21 दिनों से, 36 जिलों में पिछले 14 दिनों से जबकि 46 जिलों में पिछले 7 दिनों से एक भी नया कोरोना मरीज सामने नहीं आया है।
24 घंटों में 3,390 नए कोरोना केस
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देशभर में अब तक 16,540 लोग कोविड-19 बीमारी से ठीक हो चुके हैं और अभी 37,916 मरीजों का इलाज चल रहा है। अग्रवाल ने कहा, ‘पिछले 24 घंटों में 3,390 नए केस आए तो 1,273 मरीज ठीक भी हुए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ठीक होने वाले की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यह खुशी की बात है।’ उन्होंने बताया कि गुरुवार तक के आंकड़ों के मुताबिक 3.2% मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, 4.7% मरीजों को आईसीयू सपोर्ट से संबंधित सेवाएं दी जा रही हैं और 1.1% मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
सावधानी बरतते रहें तो पीक लेवल आएगा ही नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय
अग्रवाल ने कहा कि हम जिस वक्त से कोई भी सावधानी बरतना छोड़ देंगे, उस वक्त से कोरोना का प्रकोप बढ़ने लगेगा। अगर हम सोशल डिस्टैंसिंग, क्लीनिकल मैनेजमेंट आदि का पालन करते रहेंगे तो संभव है कि देश में कोरोना के संक्रमण का पीक लेवल आए ही नहीं। उन्होंने यह बात एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया की ओर से आए उस बयान पर पूछे गए सवाल पर कही जिनमें गुलेरिया ने कहा कि भारत में कोरोना संकट जूल-जुलाई महीने में पीक लेवर पर पहुंच सकता है।
5,231 रेल डिब्बे कोविड केयर सेंटर्स में तब्दील
अग्रवाल ने कोविड-19 महामारी से निपटने में रेलवे के योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इंडियन रेलवे ने 5,231 रेल डिब्बों को कोविड केयर सेंटर्स में तब्दील कर दिया है। उन्हें 215 चिह्नित रेलवे स्टेशनों पर रखा जाएगा। इन कोचों में सिर्फ बहुत माइल्ड और माइल्ड केस के ट्रीटमेंट होंगे। साथ ही, संदिग्ध और कन्फर्म केस को अलग-अलग कोच में रखा जाएगा। अग्रवाल ने बताया, ‘215 में से 85 स्टेशनों पर हेल्थकेयर स्टाफ भी रेलवे ही मुहैया कराएगा। वहीं बाकी 130 स्टेशनों पर संबंधित राज्य सरकारें सरकारें स्टाफ और जरूरी दवाइयां मुहैया कराएंगी। रेलवे ने 2,500 डॉक्टर और 35 हजार पैरा मेडिकल स्टाफ को कोविड-19 मरीजों के इलाज में लगाया है।’
प्लाज्मा थेरपी पर स्टडी का प्रस्ताव स्वीकृत
उन्होंने कहा कि ICMR के प्रोजेक्ट PLACID को नेशनल एथिक्स कमेटी से मंजूरी मिल गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्लाज्मा थेरपी पर स्टडी के लिए 21 अस्पतालों में क्लीनिकल ट्रायल होंगे। इनमें महाराष्ट्र से 5, गुजरात से 4, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से 2-2 अस्पताल हैं जबकि पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना और चंडीगढ़ से 1-1 अस्पताल है।
आयुष संजीवनी ऐप लॉन्च
उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय की ओर से आयुष संजीवनी ऐप लॉन्च किया गया है। साथ ही, ICMR, आयुष मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और विज्ञान तथा प्रद्यौगिकी मंत्रालीय के संयुक्त तत्वावधान में दो इंटर डिसिप्लीनरी क्लीनिकल रिसर्च स्टडीज भी हुईं। इन स्टडीज का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 बीमारी के इलाज में आयुर्वेद की भूमिका तलाश करना है।
-एजेंसियां

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