कोरोना अपडेट: स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेस करके दी जानकारी

नई दिल्‍ली। देशभर में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देशभर में अब तक 1965 केस सामने आए हैं। पिछले 24 घंटे में इस खतरनाक वायरस के 328 नए केस सामने आए हैं, इस दौरान 12 लोगों की मौत हुई है। पूरे देश में अभी तक 50 लोगों की मौत इस महामारी से हुई है, 151 लोग ठीक हुए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया कि निजामुद्दीन के मरकज से निकले करीब 400 लोग कोरोना संक्रमित हैं। तबलीगी जमात से जुड़े लोगों में से 1804 क्वॉरंटाइन किया गया है।
कोरोना के अब तक 1965 केस आए सामने
स्वास्थ्य के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई अभी चल रही है। सभी को इसमें सहयोग की जरूरत है। सभी धर्म के लोग सोशल डिस्टेंस का पालन करें। लॉकडाउन का राज्य सरकारें सख्ती से पालन कराएं। मुंबई के धारावी में कोरोना से एक मौत हुई है। जिसके बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।
डायलिसिस के लिए जारी कीं गाइडलाइंस
कोरोना वायरस की वजह से वैसे तो सभी उम्र के लोगों को खतरा है लेकिन किडनी, सांस, बीपी, शुगर, दिल से जुड़ी समस्या वालों के लिए यह बहुत ही ज्यादा घातक साबित हो रहा है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वे अपने-अपने यहां कम से कम एक ऐसे हेमोडायलिसिस फैसिलिटी की पहचान करें जहां पर्याप्त संख्या में मशीनें, प्रशिक्षित स्टाफ और डायलिसिस से जुड़े दूसरे जरूरी उपकरण हों।
‘कोविड-19 मरीजों के डायलिसिस के लिए दिशा-निर्देश’ में मंत्रालय ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासनों को जरूरी निर्देश दे सकती है ताकि इस तरह के मरीजों और उनके साथ एक अटेंडैंट को डायलिसिस फैसिलिटी तक आसानी से मूवमेंट की इजाजत मिल सके। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा गुरुवार को बढ़कर 1965 हो गया जबकि इससे मरने वालों की संख्या 50 हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइंस में में कहा गया है कि जिन मरीजों के पास अपनी निजी गाड़ी नहीं है उनके लिए सरकारी गाड़ी का इंतजाम होना चाहिए। मिनिस्ट्री ने कहा कि कोरोना वायरस फिलहाल एक बड़ी महामारी है और यह बुजुर्गों और पहले से ही बीमार लोगों के लिए बहुत ही ज्यादा घातक है। गाइडलाइंस में कहा गया है कि क्रोनिक किडनी डिसीज के स्टेज 5 वाले वे मरीज जो डायलिसिस पर हैं, वे कोरोना वायरस संक्रमण के आसान शिकार हैं। ऐसे मरीजों के बाकी लोगों की तुलना में इस वायरस से संक्रमित होने की आशंका ज्यादा है। गाइडलाइंस में जोर देकर कहा गया है कि रेगुलर डायलिसिस वाले मरीजों को निर्धारित समय पर डायलिसिस सेशन से गुजरना चाहिए ताकि इमर्जेंसी डायलिसिस की स्थिति से बचा जा सके।
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि डायलिसिस यूनिट्स पर स्थानीय भाषा के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी में साइनबोर्ड लगे होने चाहिए जिनमें मरीजों से कहा गया हो कि बुखार, खांसी या सांस संबंधी समस्या को डायलिसिसि यूनिट और वेटिंग एरिया में रिपोर्ट करें। इसमें कहा गया है कि सभी हेमोडायलिसिसि यूनिट डॉक्टरों, नर्स, तकनीशियन समेत सभी स्टाफ के साथ-साथ इलाज करा रहे सभी मरीजों और उनकी देखभाल करने वालों को कोरोना वायरस के बारे में जागरूक करें।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »