शरीर के लिए एक आसान वैक्सीनेशन जैसा है हाथ धोना

अपने आपको लेकर हम किस हद तक लापरवाह हैं, इस बात का पता इसी से चलता है कि करीब दो सदी पहले शुरू की गई हाथ धोने की आदत को हम आज तक जीवन में नहीं उतार पाए हैं। तभी तो कोरोना वायरस के समय में एक बार फिर Hand Washing मुहिम जारी है।
पुराने समय में लापरवाही आम बात थी क्योंकि उस वक्त तक हमारी पीढ़ी ने कोरोना जैसी महामारी का तांडव नहीं देखा था। लेकिन अब हाथ धुलने के तरीके और हाइजीन की बात को कोई भी हल्के में नहीं ले सकता है क्योंकि कोरोना वायरस ने बता दिया है कि बार-बार हाथ धोना आपके शरीर के लिए एक आसान वैक्सीनेशन जैसा है, जो आपको कई तरह की बीमारियों से सुरक्षित रखता है।
हर साल 15 अक्टूरबर को ग्लोबल हैंडवॉश डे मनाया जाता है। इसी बारे में बात करते हुए दिल्ली स्थित मेडेयॉर हॉस्पिटल की डॉक्टर उपाली नंदा कुछ बेहद जरूरी बातें बता रही हैं। जो आपकी नॉलेज बढ़ाएंगी और सेहत से जुड़ा रिस्क कम करेंगी।
दो सदी पहले हुई शुरुआत
-डॉक्टर उपाली कहती हैं कि दिन में कई बार हाथ धोने की प्रैक्टिस करीब दो सदी पहले शुरू की गई थी। इस दौरान ना केवल भोजन करने से पहले हाथ धोना जरूरी किया गया। बल्कि हर जरूरी काम से पहले हाथ धोना और कई अलग-अलग चीजों को छूने के बाद हाथ धोने की आदत लोगों में डालने का काम शुरू किया गया।
-इसके पीछे मुख्य कारण था संक्रमण के कारण फैलने वाली बीमारियां। उस समय पर डायरिया (हैजा), दस्त, फ्लू, इंफ्लूएंजा जैसी बीमारियों का संक्रमण बहुत ही व्यापक स्तर पर फैलता था। क्योंकि लोगों में इन बीमारियों के प्रति जानकारी के अभाव के साथ ही चिकित्सा सुविधाएं भी सीमित थीं।
-इसलिए लोगों को संक्रमण से बचाने के तरीके के रूप में हाथ धोने की आदत को विकसित किया गया। इसी का नया रूप Global Hand Washing Day है। जिसके जरिए आज भी हर साल लोगों को हाथ धुलने और हाथों की सफाई के महत्व के बारे में जागरूक किया जाता है।
कोरोना वायरस ने बढ़ाया महत्व
-आज के समय में हाथों की सफाई, बार-बार चेहरे को ना छूना, कुछ भी खाने से पहले हाथ धुलना और पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखने की कितनी अधिक जरूरत है, यह बात कोरोना वायरस के संक्रमण ने एक बार फिर साबित कर दी है।
-आज के समय में ना केवल हाथ धुलने की आदत बल्कि हाथों को सही तरीके से धुलने की आदत किसी वैक्सीनेशन से कम नहीं है। यह आपके शरीर को कोरोना जैसी महामारी से उसी तरह बचाती है, जैसे इसकी वैक्सीन बचाएगी। जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक फेस मास्क का उपयोग और हैंडवॉशिंग ही उपयोगी कोरोना वैक्सीन हैं!
पेट की बीमारियों से बचाती है
-बहुत ही साधारण और आसान काम है हाथ धुलना। लेकिन यह कई गंभीर रोगों से बचाने का कारगर तरीका भी है। खासतौर पर पेट और पाचनतंत्र संबंधी बीमारियों से बचाव होता है। डॉक्टर उपाली कहती हैं कि अगर देश में सभी लोग ठीक तरह से हाथ धोने की आदत डाल लें तो हम अपने देश में श्वसनतंत्र और आंतों से जुड़ी बीमारियों को 25 से 50 प्रतिशत तक नियंत्रित कर सकते हैं।
गलत आदत है यह
-कुछ लोग हाथ धोते समय पहले साबुन हाथ में उठाते हैं और फिर साबुन और हाथों को एक साथ गीला करते हुए फटाफट हाथ रगड़कर धुल लेते हैं। इस तरह हाथों की पूरी सफाई तो नहीं हो पाती है साथ ही हाथों का संक्रमण साबुन पर और साबुन का संक्रमण हाथों पर आने की आशंका और बढ़ जाती है।
हाथ धुलने की सही प्रक्रिया
-सबसे पहले हाथों को साफ पानी से धुलें। इस दौरान हाथों पर लगी डस्ट और सूखी गंदगी धुल जाती है। अब साबुन या हैंडवॉश लेकर इसे अच्छी तरह हाथों पर लगाएं।
-अब अपनी हथेलियों को रगड़ें, दोनों हाथों की उंगलियों को एक-दूसरे में फंसाकर उंगलियों के बीच के स्थान पर लगी गंदगी साफ करें। नाखून और फिंगर टिप्स की सफाई करें।
-अपने दोनों हाथों के अंगूठे के आस-पास अच्छी तरह सफाई करें। दोनों हाथों को हथेलियों की तरफ से रगड़ने के बाद पीछे की तरफ से भी रगड़ें।
-हाथ धुलने की प्रक्रिया के दौरान आपको अपनी कलाई भी साफ करनी चाहिए। हथेलियों की सफाई के और हथेली के ऊपरी हिस्से की सफाई के बाद अपने दोनों हाथों की कलाई को सही तरीके से रगड़ें। अब बहते हुए पानी से अच्छी तरह हाथ धुल लें। यहां बहते हुए पानी से अर्थ यह है कि आप नल के नीचे हाथ धुलें। किसी मग में भरे पानी में डालकर नहीं।
-साबुन लगाने के बाद हाथों को इस तरह रगड़ने और साफ करने की प्रक्रिया 20 सेकंड्स तक चलनी चाहिए। क्योंकि इस दौरान ना केवल आपकी डेड स्किन निकलती है बल्कि हाथों पर ऐक्टिव हर तरह के बैक्टीरिया और वायरस मर जाते हैं।
-हाथ धुलने के बाद इन्हें कॉटन के साफ तौलिया से अच्छी तरह पोछ लें। ध्यान रखें कि आपका तौलिया हर दिन धुलता हो और आप इसे धुलने के बाद धूप में सुखाते हों। अन्यथा एक गंदा और संक्रमित टॉवल आपके हाथ धोने की पूरी प्रैक्टिस को व्यर्थ कर सकता है।
यदि घर में बच्चे हैं तब ऐसा करें
-यदि आपके घर में 10 साल से कम उम्र के बच्चे हैं तो उनके हाथ आप ही धुलें। क्योंकि बच्चे यह काम ठीक प्रकार से नहीं कर पाते हैं। आप उन्हें सिखाएं कि हाथ धुलने का सही तरीका क्या होता है। कोरोना के समय में आपको अपने बच्चों की तौलिया ना केवल अलग रखनी चाहिए बल्कि इसे हर दिन ठीक तरह से धुलना भी चाहिए।
-एजेंसियां

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