हामिद अंसारी ने बताया, पाकिस्तान की जेल में एक-एक दिन किसी श्राप की तरह गुजरा

मुंबई। पाकिस्तानी जेल में 6 साल बिताने के बाद स्वदेश लौट कर आए भारतीय नागरिक हामिद नेहाल अंसारी ने गुरुवार को एक टीवी चैनल से बातचीत में अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी एजेंसी ने उन्हें किस हद तक टॉर्चर किया। हामिद ने कहा कि वहां उन्हें इतना मारा गया कि उनकी आंखों का रेटिना तक फट गया था।
इस दौरान हामिद ने उन्हें बताया कि कैसे उन्होंने पाकिस्तान की जेल में एक-एक दिन किसी श्राप की तरह गुजारे थे।
हामिद अब मुंबई स्थित अपने घर पहुंच गए हैं। बुधवार को उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की और उनके सामने फफक-फफक कर रोने लगे थे।
उन्होंने बताया कि जिस दिन उन्हें गिरफ्तार किया गया था, उन्हें लगा कि अब वह वापस नहीं लौटेंगे। हामिद ने बताया कि पाकिस्तान में उन्हें जमीन से 15 फीट नीचे कालकोठरी में रखा गया था जहां न दिन का पता चलता था और न ही रात का। वहां किसी चीज की कोई सुविधा नहीं थी। हामिद ने बताया कि पाकिस्तानी जेलरों का जब मन करता था वह उन्हें मारते थे। न दिन देखते न रात। उन्हें एक बार सर्दियों में वहां एक हफ्ते तक खड़ा रखा गया। आंखों में पट्टी बांध दी गई और खड़े-खड़े अगर झपकी आती थी तो वह कहीं से भी मारते थे।
‘इतना मारा कि रेटिना फट गया’
हामिद ने बताया कि एक बार उन्हें इतना मारा गया था कि उनकी बाईं आंख का रेटिना तक फट गया था। हामिद बताते हैं कि उनके साथ धोखा हुआ था। उन्होंने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए पश्तून लड़की से मिले थे। उनकी बात धीरे-धीरे आगे बढ़ती गई। इसके बाद लड़की ने बताया कि उसके घर वाले उसकी मर्जी के खिलाफ कहीं शादी करा रहे थे। हामिद उसकी मदद करने के लिए पाकिस्तान चले गए। हामिद ने आरोप लगाया कि उन्हें उकसाया गया और मिसगाइड किया गया। हामिद पाकिस्तान में उस लड़की से भी कभी नहीं मिले।
2012 में गए थे पाकिस्तान
बता दें कि मुंबई के वर्सोवा निवासी हामिद नवंबर 2012 में पश्तून लड़की के खातिर अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान चले गए थे। पाकिस्तान के कोहट में वह लॉज में रुके थे जहां से खुफिया एजेंसी के लोगों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन पर जासूसी का केस चलाया गया और करीब 6 साल बाद उनकी बेगुनाही साफ हो गई और वह भारत वापस लौट गए।
‘मेरा रास्ता गलत था लेकिन नीयत नहीं’
हामिद कहते हैं कि उनका पाकिस्तान जाने का रास्ता गलत था लेकिन उनकी नीयत गलत नहीं थी। वह दिल से सोच रहे थे लेकिन वहां उन्हें धोखा मिला। उन्होंने कहा उन्हें पीठ में छुरा मारकर फंसा दिया। वहां जाली कार्ड रख दिए गए थे और कहा गया था कि इससे जरिए वह बच जाएंगे लेकिन फिर खुद ही उन्हीं लोगों ने हामिद को एजेंसी को पकड़ा दिया।
सुषमा को बताया मदर इंडिया
हामिद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मदर इंडिया का तमगा देते हैं। उन्होंने कहा कि सुषमा ने उन्हें अपना बेटा माना और उन्हें भारत लाने के लिए हर तरह की मदद की। हामिद की मां फौजिया भी बुधवार को सुषमा स्वराज से मिलकर काफी भावुक हो गई थीं। इस दौरान उन्होंने कहा था, ‘मेरा भारत महान, मेरी मैडम महान, सब मैडम ने ही किया है।’
-एजेंसियां

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