हिन्दू जनजागृति समिति का Gurupurnima पर्व संपन्न

Gurupurnima पर कर्तिक सालुंखे ने  कहा, हिंदू राष्‍ट्र  की स्थापना करना, गुरु का ही कार्य है 

आगरा। भारत को स्वतंत्रता मिली; परंतु न्यायव्यवस्था, शिक्षाव्यवस्था, राज्यव्यवस्था इत्यादि सभी हमने अंग्रेजों से उसी रूप में स्वीकार की; इसलिए हमें वास्तविक स्वतंत्रता मिली ही नहीं । एक ओर ऐसा कहना कि देश सेक्युलर है, और दूसरी ओर सभी सुविधाआें का लाभ अल्पसंख्यकों को देना, यह आज की स्थिति है । इस देश में हिन्दुआें के साथ सदा दोयम श्रेणी के नागरिक की भांति व्यवहार किया जाता रहा है । अतः हिन्दुओं को पुनः सम्मान का स्थान दिलाने के लिए हिन्दू राष्ट्र स्थापना की आवश्यकता है । उसके लिए हम प्रत्येक को धर्मशिक्षा लेकर तथा धर्माचरण कर हिन्दू राष्ट्र के लिए यथाशक्ति योगदान देना चाहिए ।

आज Gurupurnima के उपलक्ष्य में हम सभी इसके लिए प्रतिबद्ध होंगे । धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना, कालानुसार श्रीगुरु का ही कार्य है । श्री कर्तिक सालुंखे ने ऐसा प्रतिपादित किया । सनातन संस्था, हिन्दू जनजागृति समिति तथा अन्य समविचारी संगठनों द्वारा आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में वे ऐसा बोल रहे थे। यह महोत्सव शुक्रवार, २७ जुलाई २०१८ को सायंकाल शाम ०५ बजे से ७ बजे तक श्री राधा कृष्ण मंदिर नेहरू नगर, आगरा में भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ । इसके साथ ही पूरे देश में १०९ स्थानों पर इस प्रकार के गुरुपूर्णिमा महोत्सव भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए ।

डॉक्टर देवाशीष भट्टाचार्य, श्री काली बाड़ी मंदिर, आगरा ने कहा,  लोकतंत्र की दुष्‍प्रवृत्ति का निष्कर्ष है यमुना नदी का प्रदूषण

उन्होंने कहा कि देश की व्यवस्था लगभग ख़त्म हो गई है परंतु फिर भी इसमे रहकर हम इसके साथ अपने प्रयास नही छोड़ने है । 5000 वर्ष से भी पुरानी यमुना नदी का अधोपातन

मूलतः पिछले 70 वर्षो की व्यवस्था के कारण हो रहा है। महोत्सव के प्रारंभ में श्री व्यासपूजन तथा प.पू. भक्तराज महाराजजी का प्रतिमापूजन किया गया । इस अवसर पर संकटकाल में समाजसहायता हेतु आवश्यक बचाव एवं आक्रमण की शिक्षा देनेवाले स्वरक्षा का लघुचलचित्र दिखाया गया ।

१३ भाषाओं में फेसबुक लाइव के माध्यम से 2 लाख जिज्ञासुआें ने उठाया गुरुपूर्णिमा महोत्सवों का लाभ 

इस वर्ष सनातन संस्था तथा हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से मराठी, हिन्दी, कन्नड, तमिल, तेलुगु, मलयालम्, गुजराती, बंगाली, उडिया, असमिया एवं गुरुमुखी इन भारतीय भाषाओं में, साथ ही अंग्रेजी तथा नेपाली इन विदेशी भाषाओं में भी फेसबुक लाईव के माध्यम से गुरुपूर्णिमा महोत्सव का सीधा प्रसारण किया गया । इस माध्यम से देश-विदेश के 2 लाख श्रद्धालुओं ने गुरुपूर्णिमा महोत्सवों का लाभ उठाया ।

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