गुरु शरणानन्द द्वारा ‘कड़वे प्रवचन‘ का विमोचन

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गुरु शरणानन्द द्वारा ‘कड़वे प्रवचन‘ का विमोचन

रमणरेती/मथुरा। जैन धर्म के प्रचारक क्रान्तिकारी राश्ट्र सन्त मुनि तरुण सागर द्वारा समय-ंउचयसमय पर दिये जा रहे प्रवचनों के नवीनतम संकलन ‘कड़वे प्रवचन‘ के भाग -9 का सन्त प्रवर स्वामी गुरुषरणानन्द महाराज ने उदासीन कार्ष्‍णि आश्रम (रमणरेती ) में विमोचन करते हुए कहा कि जैन,बौद्ध, वैश्णव आदि सभी धर्मो का एक ही मूलभूत सिद्धान्त रहा है।

उन्होंने कहा कि सभी धर्मो में सत्य, अहिंसा, पीड़ित मानवता से प्रेम का सन्देष दिया गया है। मुनि तरुण सागर अपने प्रवचनो में इसी
सन्देष का प्रचार करते हैं। नीम,गिलोय, और चिरायता कड़वे होने पर भी रोग निरोधक हैं। इसी प्रकार मुनि जी के प्रवचन कड़वे होने पर
भी लोक-कल्याणकारी हैं।

जैन धर्मविलम्वी प्रमेन्द्र कुमार अग्रवाल और श्रीमती ईनू अग्रवाल ने महाराजश्री को ‘कड़वे प्रवचन‘ की एक से नौ भाग तक की प्रतियां
भेट कीं।
इस अवसर पर आचार्य अशोक कुमार जोषी मोहन स्वरूप भाटिया, दीपचन्द्र अग्रवाल दीपक, राधा मोहन पाराषर आदि उपस्थित
थे।