राजस्‍थान में शुरू हुआ गुर्जर आंदोलन, 60 ट्रेनें प्रभावित

जयपुर। राजस्‍थान में कोरोना वायरस संक्रमण के बीच एक नंवबर को शाम ढलने के साथ गुर्जर आंदोलन की शुरुआत हो गई है। कर्नल किरोड़ी बैसला ने नेतृत्व में इकट्ठे हुए गुर्जर समाज के लोग अब पीलूपुरा में पटरियों पर जमे हुए हैं। वहीं वार्ता के लिए बुलाए गए गहलोत सरकार के मंत्री अशोक चांदना को बैरंग लौटना पड़ा है।
गुर्जर आंदोलन के आगाज के साथ ही प्रदेश के सियासत में भी नया रंग आ गया है। जहां अपनी मागों को लेकर गुर्जर समाज आंदोलन स्थल के पास पटरियों पर जमा हुआ है। वहीं उसी के साथ ही बीजेपी भी कांग्रेस और सीएम गहलोत को इस मुद्दे पर घेरने लगी है। बीजेपी ने इस मुद्दे के बाद एक बार फिर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया है। हालांकि सरकार की ओर से अभी भी गुर्जर समाज के नेताओं से बातचीत का सिलसिला चल रहा है लेकिन सोमवार तक की अपडेट यही है कि प्रदेश में फिलहाल गुर्जर आंदोलन जारी है।
अपडेट @ 10.20 AM: बढ़ाई इंटरनेट सेवा बंद रखने की अवधि
गुर्जर आंदोलन को देखते हुए भरतपुर, करौली, सवाईमाधोपुर और दौसा जैसे जिलों में इंटरनेट सेवा बंद रखने की अवधि बढ़ा दी गई है। इसके अलावा जयपुर जिला प्रशासन ने जिले की 5 तहसीलों में इंटरनेट सेवा बंद रखने की अवधि बढ़ाई है। अब सोमवार शाम 6 बजे तक कोटपूतली, पावटा, शाहपुरा, विराटनगर और जमवारामगढ़ में इंटरनेट सेवा बंद रहेंगी।
अपडेट @ 9.50 AM: गुर्जर नेताओं का कहना कि अब सरकार खुद पटरियों पर आकर करे बात
उल्लेखनीय है कि आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर में गुर्जर समुदाय अड़ा हुआ है। गुर्जर समाज ने रेलवे ट्रैक ब्लॉक कर दिए हैं। वहीं आंदोलनकरियों का अब यह भी कहना है कि अब हमारा प्रतिनिधिमंडल सरकार से बातचीत करने कहीं नहीं जाएगा। अगर सरकार बात करना चाहती है, तो वे यहां आकर हमसे यहां पटरियों पर मिल सकते हैं।
अपडेट @ 9.50 AM: मंत्री अशोक चांदना लौटे बैरंग
आपको बता दें कि गुर्जर आंदोलन शुरू करने से पहले समाज के नेता कर्नल किरोड़ी बैंसला ने गहलोत सरकार के मंत्री अशोक चांदना को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था लेकिन चांदना का कहना है कि मैं आंदोलन स्थल से एक किलोमीटर दूरी पर था और भारी जाम के कारण आगे नहीं जा सका ।
उन्होंने मीडिया को बताया है कि मैंने फिर किरोड़ी बैंसला से बात की तो उन्होंने कहा कि मेरी तबियत ठीक नहीं, आप मेरे बेटे विजय बैंसला से बात कर लें। विजय बैंसला फोन किया तो उन्होंने दो चार मिनट बाद कॉल करने को कहा लेकिन मुझसे दोबारा संपर्क नहीं किया गया। मीडिया को चांदना कहा कि मैं दोबारा जयपुर जा रहा हूं, कल विधानसभा सत्र है, मैं और कुछ नहीं कर सकता । ऐसे में कहा जा सकता है चांदना वहां से बैरंग लौटे हैं।
अपडेट @ 9.20 AM: प्रतिनिधिमंडल के समझौते को बैंसला ने बताया लॉलीपॉप
आपको बता दें कि प्रदेश में चक्काजाम की चेतावनी से पहले गुर्जर समाज के 41 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सरकार का समझौता हुआ। इस समझौते को आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कर्नल किरोड़ी बैंसला ने इस समझौते को लॉलीपॉप बताया है। जानकारों का कहना है कि गुर्जर आरक्षण आंदोलन में किरोड़ी बैंसला और हिम्मत सिंह दो गुटों में बंटा हुआ है।
अपडेट @ 9.00 AM: राजस्थान में जारी है गुर्जर आंदोलन
रविवार शाम ढलते- ढलते शुरू हुआ गुर्जर आंदोलन प्रदेश में जारी है। अभी भी आंदोलनकारियों ने रेलवे की पटरियों पर कब्जा जमा रखा है। वहीं कुछ स्थानों पर पटरियों की फिश प्लेट निकालकर उन्हें ट्रेक से अलग कर दिया है लिहाजा 60 ट्रेनें प्रभावित हुई है। इसमें 40 मालगाड़ियां भी हैं। सात ट्रेनों के रूट को भी डायवर्ट किया जा चुका है। इसके अलावा 220 बसों के पहिये भी एक नवंबर से थमे हुए हैं।
-एजेंसियां

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