गौरक्षा का संदेश लिए गौरक्षा जनसंपर्क यात्रा पहॅुची महाकाल की नगरी काशी

सुरभि ग्लोबल नैतिक शिक्षा केन्द्र एवं सहयोगी संगठनों के तत्वाधान में जनसंपर्क हेतु 5 सितम्बर 2017 से लेकर 19 सितम्बर तक मथुरा से लखनउ तक निकाली जा रही गौरक्षा जनसंपर्क यात्रा 14 सितम्बर को वाराणसी पहुॅची यहाॅ यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। जनसंपर्क यात्रा ने पंजाबी भगवान आश्रम अस्सीघाट पर विश्राम किया। गौरक्षा जनसंपर्क यात्रा के नेतृत्वकर्ता स्वामी नारायण दास द्वारा वाराणसी के सन्तों से मिल गौरक्षा के विषय पर चर्चा की गई। इसमें प्रमुख रूप से श्रीविद्या पीठ के स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द जी सरस्वती महाराज, करपात्री मठ के स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज, स्वामी वाणेश्वरानन्द तीर्थ, स्वामी विशुद्धानन्द सरस्वती आदि से प्रमुख रूप से मिल गौरक्षा के विषय पर चर्चा की गई।
15 सितम्बर शुक्रवार को गौरक्षा के विषय को लेकर पंजाबी भगवान आश्रम में संतो में समाजसेवियों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें गौरक्षा को लेकर चर्चा की गई। इस बैठक में ईश्वर मठ के स्वामी श्री ईश्वरानन्द तीर्थ महाराज, दशनाम जूनाअखाड़ा के थानापति महन्त पुष्कर राज गिरी महाराज, स्वामी श्री तिलाभानन्देश्वर महाराज, स्वामी विमलदेव आश्रम ने गौरक्षा को लेकर पूर्ण सहयोग की बात कही। गौरक्षा अभियान यात्रा की तैयारियों में सहयोग का आश्वासन दिया गया।
केन्द्र के संयोजक स्वामी नारायण दास ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा का उद्देश्य जन संपर्क कर विभिन्न क्षेत्रो में गौरक्षा के लिए कार्य कर रहे सन्तो, समाजसेवियों एवं गौरक्षकों से संवाद स्थापित कर उनको संगठित करना है। आज वर्तमान में गौवंश के प्रति लोगो की बदलती मानसिकता को परिवर्तित के करने के लिए लोगो के मध्य में जाकर लोगो से संवाद करने की आवश्यकता है। उन्होने बताया कि धर्मनगरियों में भी गाय की उपेक्षा होने से लोगो की सोच में बडा बदलाव आने लगा है कम से कम जो धर्म क्षेत्र है उनमें तो गौमाता सुख चैन से रह सके ऐसा उस क्षेत्र के लोगो को प्रयास करने चाहिए।यात्रा की जानकारी देते हुये बताया कि यात्रा 5 सितम्बर को प्रातः वृन्दावन से प्रारम्भ होकर हाथरस होते हुए आगरा, शिकोहाबाद, इटावा, औरैया, उरई, बांदा, चित्रकूट, इलाहाबाद, वाराणसी, प्रातपगढ, अयोध्या, बाराबंकी, से लखनउ में समाप्त होगी।
स्वामी श्री ईश्वरानन्द तीर्थ महाराज ने गाय से सिर्फ धर्म से जुड़ा विषय नही बल्कि मानव जीवन और पर्यावरण का अभिन्न अंग है इसकी रक्षा के लिए सभी को आगे आना होगा। गाय धार्मिक, भौतिक दोनो ही रूप से महत्वपूर्ण है।
इसअवसर पर पंजाबी भगवान आश्रम के सचिन शर्मा, भोले बाबा, गोपाल दास महाराज, नत्थी शर्मा, कृपाशंकर, गौतम शर्मा प्रभाकर मुकेश शर्मा शिशुपाल बघेल और रिषी तिवारी हरिओम परमार, गणेश मोहन भारद्वाज एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।