राजीव गांधी की हत्‍या के लिए दोषी नलिनी 30 दिन की पेरोल पर रिहा

चेन्‍नै। पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन को अदालत से 30 दिन की पेरोल मिलने के बाद गुरुवार को रिहा किया गया है। नलिनी को वेल्लोर के विशेष महिला कारागार से तीस दिनों के लिए रिहा किया गया है। नलिनी श्रीहरण ने इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट में एक अपील दायर कर अपनी बेटी की शादी के लिए पेरोल मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकृत करते हुए उसे तीस दिन की पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया।
कोर्ट के इसे आदेश पर कार्यवाही करते हुए नलिनी को वेल्लोर के विशेष कारागार से सुरक्षाकर्मियों के साथ रिहा किया गया है। पुलिस ने नलिनी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 10 हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों को उसके साथ भेजने का फैसला किया है। हालांकि पुलिस विभाग अब तक इस बात पर फैसला नहीं कर सका है कि नलिनी के साथ बाद में कितने सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
सुरक्षा इंतजाम पर निर्देशों का इंतजार
वेल्लोर के एसपी प्रवेश कुमार ने कहा कि हम फिलहाल नलिनी की सुरक्षा और निगरानी के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या के फैसले पर सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। सामान्य तौर पर अति संवेदनशील केसों में ऐसे कैदियों के साथ दस सुरक्षाकर्मियों की एक टीम को भेजा जाता है, जिसमें एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल होता है। इससे पहले राजीव गांधी हत्याकांड के एक अन्य आरोपी पेरारिवेलन के अगस्त 2017 में पेरोल पर रिहाई के दौरान भी ऐसे ही इंतजाम किए गए हैं। एसपी ने कहा कि अब नलिनी की सुरक्षा पर भी राज्य सरकार के कारागार विभाग द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर ही फैसला किया जाएगा।
21 मई 1991 को हुई थी राजीव गांधी की हत्या
गौरतलब है कि 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदुर में एक मानव बम विस्फोट में राजीव गांधी की मौत हुई थी और इस मामले के दोषी पेरारिवेलन, मुरुगन, नलिनी, शांतन, रविचंद्रन, जयकुमार और रॉबर्ट प्यास करीब तीन दशक से जेल में हैं। सितंबर 2018 में तमिलनाडु सरकार ने एक प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को भेजा था, जिसके मुताबिक मामले में जेल में बंद दोषियों को रिहा करने की अनुमति मांगी गई थी।
-एजेंसियां

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