GSTCouncil मीटिंग का निर्णय, आधार के जरिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन

नई दिल्‍ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शुक्रवार को वस्तु एवं सेवा कर GSTCouncil की पहली बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में जीएसटी रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए आधार के जरिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन का फैसला लिया गया। इसके अलावा जीएसटी एंटी-प्रॉफिटीयरिंग अथॉरिटी के कार्यकाल को भी 2 साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GSTCouncil की मीटिंग के बारे में कहा कि नई सरकार के गठन के बाद आज की जीएसटी परिषद की यह पहली बैठक थी। इस बैठक में कर्नाटक, मिजोरम और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों के मंत्री आए थे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पहली बार अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 35वीं बैठक समाप्त हो गई। इस बैठक में कारोबारियों के साथ-साथ आम जनता को बड़ी राहत दी गई है। अब कोई भी नया कारोबारी आधार के जरिए अपना जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कर सकेगा।

इसके अलावा 1 जनवरी 2020 से कारोबारियों को केवल एक पेज का रिटर्न फॉर्म भरना होगा। वहीं मल्टीप्लेक्स में ई-टिकट को अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक चार्जर पर लगने वाली कर की दर को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी करने का फैसला लिया गया है।

ऐसे होगा रजिस्ट्रेशन
राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने बताया कि कारोबारी ऑनलाइन आधार नंबर के जरिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उनके पास ओटीपी आएगा और बाद में जीएसटीएन पोर्टल में रजिस्ट्रेशन होने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा। इसके साथ ही पहले ही सरकार जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर चुकी है।

बढ़ गई रिटर्न दाखिल करने की तारीख
काउंसिल ने कारोबारियों को राहत देते हुए वार्षिक रिटर्न फाइल करने की अतिंम तारीख को बढ़ा दिया है। अब सभी कारोबारी 30 अगस्त, 2019 तक अपना रिटर्न फाइल कर सकेंगे। इसके साथ ही काउंसिल ने नेशनल एंटी प्रॉफिट अथॉरिटी का कार्यकाल दो सालों के लिए और बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं देश के 26 राज्यों में जीएसटी ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा।
-एजेंसी

 

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