ग्रेटर नोएडा: Builder सहित 3 गिरफ्तार, गिरी इमारतों में दबे हैं 50 से अधिक लोग

Builder गंगा शरण द्विवेदी  बना रहे थे 6 मंजिला इमारत, अभीतक 3 की मौत की खबर
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन 6 मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में कई मजदूरों के घायल होने की खबर है। आशंका इस बात की भी है कि मलबे में कई लोग दबे हो सकते हैं।

बिसरख कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहबेरी में जीवन ज्योति कॉलोनी के करीब मंगलवार की रात करीब साढ़े नौ बजे एक ही परिसर में स्थित दो इमारतें धराशायी हो गईं। छह मंजिली दोनों इमारतों में रह रहे 12 परिवारों के सदस्यों व चार मजदूरों समेत 50 से भी ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका है, वहीं तीन लोगों की मौत हो गई। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें Builder गंगा शरण द्विवेदी भी शामिल हैं।
गिरफ्तार अन्य दो लोग Builder के सहयोगी बताए जा रहे हैं। हादसे को 16 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन तकरीबन 50 से अधिक लोग अब भी मलबे में ही दबे हुए हैं।

जिलाधिकारी बीएन सिंह व एसपी देहात आशीष श्रीवास्तव समेत छह थानों की पुलिस व गाजियाबाद से नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और रात करीब साढ़े दस बजे के बाद राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया। एनडीआरएफ की चार टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं।
समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, हादसे में अब तक तीन लोगों के शव निकाले गए हैं। मौके पर पांच बुलडोजर व दो हाईड्रोलिक क्रेनों को लगाया गया है।

देर रात एक बजे तक दो ही शव निकाले जा सके थे, तीसरा शव सुबह निकाला जा सका। वहीं, बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन इमारतों के धराशाई होने से अभी भी कई परिवारों के लोग मलबे में दबे हुए हैं। अपने दोस्तों को देखने पहुंची युवती रोते हुए एक युवती ने बताया कि उसके 3 साथी इसी इमारत में रहते थे, जिनका पता नहीं चला है।

पुलिस के मुताबिक दोनों इमारतें अवैध रूप से बनाई गई थीं। एक इमारत तो पूर्ण हो गई थी, जबकि एक में कुछ काम चल रहा था। पूर्ण इमारत में 12 परिवार रहने लगे थे। जिस इमारत में काम चल रहा था उसमें चार मजदूर रहते थे। रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक दोनों इमारतें भरभराकर गिर गईं। इसके कारण उनके अंदर रह रहे परिवारों के सदस्य व चार मजदूर मलबे में दब गए। इनकी संख्या 50 से भी ज्यादा हो सकती है। तेज आवाज के साथ इमारतों के गिरते ही आसपास में अफरातफरी मच गई।

लोगों ने पुलिस को फोन किया। सबसे पहले मौके पर जिलाधिकारी पहुंचे। इसके बाद छह थानों की पुलिस पहुंची। गाजियाबाद से एनडीआरएफ की 20 सदस्यीय टीम के पहुंचने के बाद राहत व बचाव कार्य में तेजी आई। बचावकर्मी घटनास्थल पर बुलडोजर व क्रेनों की मदद से मलबा हटाने में जुट गए।

बेसमेंट में सीलन से गिरे भवन
आसपास के लोगों का कहना है कि बेसमेंट में पानी भरा हुआ था। इसके कारण भवन में काफी सीलन था। राहत व बचाव कार्य में जुटे लोगों का मानना है कि प्रथमदृष्टया सीलन के कारण ही भवनों के जमींदोज होने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कारण है कि भवन नीचे के तल से गिरे हैं।

मंगलवार को ही शिफ्ट हुआ था एक परिवार
बताया जा रहा है कि धराशायी हुई इमारत में एक परिवार मंगलवार को ही शिफ्ट हुआ था। इससे पहले वह किसी दूसरी कॉलोनी में रह रहा था।

मुख्यमंत्री ने युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य के दिए निर्देश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में दो इमारतों के धराशायी होने के मामले का संज्ञान लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गौतमबुद्ध नगर के डीएम, एसपी तथा एनडीआरएफ को युद्धस्तर पर तुरंत बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों के खिलाफ भी हो सख्त कार्रवाई
नोएडा के भाजपा विधायक पंकज सिंह ने कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ तो सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए। इसके अलावा जिम्मेदारी अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अवैध निर्माण पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। इस तरह के निर्माण को नजर अंदाज करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

निर्माण कार्य पर रोक

बता दें कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने इस एरिया में निर्माण कार्य पर रोक लगाई हुई है। इसके बावजूद यहां बड़ी संख्या में अवैध निर्माण हो रहा है। यहां किसानों से जमीन लेकर कई-कई मंजिला इमारतें बना दी गई हैं। Builder द्वारा इन पर फ्लैट बनाकर लोगों को बेचा जा रहा है, फ्रॉड के भी कई मामले सामने आ चुके हैं।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »