राज्यपाल Satpal Malik ने कहा- दिल्‍ली को ब्‍लैकमेल करने के लिए युवाओं की मौत चाहते हैं नेता

जम्मू। जम्‍मू कश्‍मीर के राज्यपाल Satpal Malik ने स्‍थानीय राजनेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि युवाओं की मौत हो और दिल्ली को ब्लैकमेल कर दबाव बनाया जा सके। Satpal Malik ने अलगाववादियों तथा कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब आधी रात को भारी बर्फबारी के बीच सेना आतंकियों से मुकाबला कर रही होती है तो मस्जिदों से लोगों को जुटकर पत्थरबाजी करने के लिए उकसाया जाता है। आतंकियों के शव छीनने तथा सेना के वाहन को घेरकर हथियार छीनने के लिए भड़काया जाता है। इस दौरान यदि कोई मारा जाता है तो घाटी में बंद का आह्वान किया जाता है। लोगों को भड़काने पर सवाल करते हुए कहा कि पूरे विश्व में यह कहां होता है कि आप सेना को निशाना बनाओ और वह छोड़ देंगे। इसे सख्ती के साथ कुचला जाएगा।

Satpal Malik ने लोगों से सेना के प्रति विचार बदलने तथा विचारधारा बदलने को कहा। यदि कुछ हो सकता है तो वह बातचीत से ही संभव है। आगे आकर देश के संविधान के दायरे में बात करें। आपका अलग झंडा और अलग विधान है। इसके बाद भी मामले को तूल दिया जा रहा है।

जम्मू किसान मेले का शुभारंभ करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संविधान के दायरे में जम्मू-कश्मीर के लोगों की हर मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं क्योंकि उनके मन में कश्मीर के लोगों के प्रति प्यार व सम्मान है। कहा कि इस गलत धारणा को उन्होंने निकाय व पंचायत चुनाव के दौरान साफ कर दिया था और साफ संदेश दिया था कि नई दिल्ली किसी भी तरह के दबाव में आने वाला नहीं है। वह ब्लैकमेल के किसी भी दबाव में आने वाला नहीं है। यदि गोलियां चलेंगी तो इधर से उन्हें बुके नहीं दिया जाएगा। कश्मीर में आतंकियों को मारने से कोई समाधान नहीं निकलेगा। उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए। वह यहां इन बच्चों का जान लेने के लिए नहीं हैं। यदि वह लौट आए तो हम उनके लिए कुछ करने को तैयार हैं। इस संबंध में रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है।

उमर-महबूबा दोनों पर साधा निशाना
उन्होंने पंचायत और निकाय चुनाव के संबंध में पीडीपी की महबूबा मुफ्ती व नेकां के उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियों के दोहरे मापदंड हैं। वह इससे उनसे गुस्से में हैं। उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़कर महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। इन नेताओं से पंचायत चुनाव का बहिष्कार ना करने का अनुरोध किया ताकि लोग सशक्त हों लेकिन इसके बावजूद यह पार्टियां इस चुनाव में शामिल नहीं हुईं। महबूबा पर तंज कसते हुए कहा कि आतंकी के मारे जाने की पुष्टि किए बगैर ही एक पार्टी के नेता घर पर संवेदना जताने पहुंच गए, यह कैसे चलेगा।

अलगाववादियों को सलाह
राज्यपाल ने अलगाववादियों को सलाह देते हुए कहा कि भारतीय सेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी सेना है। इससे लड़ने के बाद जनरल परवेज मुशर्रफ ने स्वयं हुर्रियत के लोगों को संदेश दिया था कि संविधान के दायरे में वे भारत के साथ बातचीत के लिए आगे आएं।

आतंकवाद से किसी प्रकार का समझौता नहीं
राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। 300 आतंकी भारत को तोड़ नहीं सकते। वह कुछ भी नहीं हैं। भारतीय सेना और सुरक्षाबल एक से दो दिन के अंतराल पर दो से तीन आतंकियों को मारने में सक्षम है। यह अच्छी बात है कि लोगों ने समझ लिया है कि बंदूक से उन्हें कुछ नहीं मिलने वाला है।
-एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *