सरकार का आतंकवाद पर चाबुक, खालिस्तान समर्थक Sikh for Justice पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्‍ली। भारत ने खालिस्तान समर्थक Sikh for Justice संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया है। अलगाववाद एजेंडे के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Sikh for Justice पर प्रतिबंध लगाया है। अप्रैल में मोदी सरकार के अनुरोध पर पाकिस्तान ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। इससे पहले कई बार आईएसआई द्वारा इस संगठन के जरिए पंजाब में माहौल बिगाड़ने की खबरें सामने आ चुकी हैं।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन में रहने वाले इस संगठन के सदस्यों पर यूएपीए एक्ट के तहत प्रतिबंधित किया है। Sikh for Justice के कई सोशल मीडिया हैंडल भी ब्लॉक किए गए हैं।

रक्षा एजेंसियों ने लंबे समय से खालिस्तान ग्रुप सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी हुई थीं। आरोप था कि यह संगठन खालिस्तान जनमत संग्रह में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों को मुफ्त हवाई टिकट दे रहा था। उधर, गृह मंत्रालय के सूत्र की मानें तो वांटेड खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पम्मा को भारत-इंग्लैंड विश्व कप मैच के दौरान देखा गया था। वह सिख फॉर जस्टिस से भी जुड़ा हुआ है।

यह संगठन अपने अलगाववादी विचारधारा के प्रचार के लिए करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करना चाहता था। इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं हैं कि पाक ने समूह पर अंकुश लगाया है या प्रतिबंध लगाया है। 14 तारीख को करतारपुर वार्ता के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षा के संबंध में भारत द्वारा मुद्दा उठाए जाने की संभावना है।

पंजाब सीएम ने किया समर्थन

सूत्रों ने यह भी बताया कि संगठन और इसके अलगाववादी अजेंडे ‘रेफरेंडम 2020’ को पाकिस्तान से समर्थन मिल रहा था। ‘एसएफजे’ और ‘रेफरेंडम 2020’ की आधिकारिक वेबसाइट कराची स्थित एसएफजे कार्यकर्ताओं की वेबसाइट से सामग्री साझा कर रही थी और उसी पाकिस्तानी वेबसाइट से जुड़ी हुई थी।

पंंजाब सीएम का समर्थन
केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार समेत कई राज्यों की सरकारों से चर्चा के बाद इस संगठन पर बैन लगाया है। इसके बाद पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार के इस कदम की तारीफ करते हुए कहा कि भारत विरोधी और आईएसआई समर्थित अलगाववादी संगठनों से देश को बचाने की दिशा में यह पहला कदम है। राज्य सरकार केंद्र के इस फैसले का समर्थन करती है।

-एजेंसी

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