2019-20 में राष्ट्रीय कारोबार रजिस्टर तैयार करने जा रही है सरकार

नई दिल्ली। सरकार 2019-20 में राष्ट्रीय कारोबार रजिस्टर तैयार करने जा रही है। इस कारोबार रजिस्टर में देशभर के उपक्रमों का ब्‍योरा होगा।
बताया जाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक गणना की तैयारियों के बीच इस कारोबार रजिस्टर के लिए योजना बनाई जा रही है। इस रजिस्टर में देश में संचालित सभी तरह के उपक्रमों या कारोबार का ब्योरा होगा।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के सचिव प्रवीण श्रीवास्तव ने गुरुवार को सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया के साथ संयुक्त रूप से आयोजित कार्यशाला में कहा कि हमारा एक व्यवसाय उपक्रम रजिस्टर बनाने का प्रस्ताव है। इस रजिस्टर को नियमित रूप से अद्यतन किया जाएगा और जिसका इस्तेमाल राज्य और केंद्र सरकार सभी अंशधारकों द्वारा किया जाए। मंत्रालय ने सीएससी ई-गवर्नेंस को 7वीं आर्थिक गणना का काम सौंपा है। इसे सीएससी एसपीवी भी कहा जाता है।
श्रीवास्तव ने कहा कि सीएससी एसपीवी की शक्ति विशिष्ट है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ताकत आंकड़ों की गुणवत्ता है। इस जुड़ाव के साथ हमें उम्मीद है कि एक देश के रूप में हम समय पर डाटा या आंकड़े जुटा सकेंगे और एक राष्ट्रीय संपदा बनाएंगे जिसका इस्तेमाल नीतिगत हस्तक्षेप के लिए किया जा सकेगा।
सीएससी ई-गवर्नेंस देशभर में 3 लाख साझा सेवा केंद्रों का प्रबंधन करती है। इन केंद्रों को सर्वे के लिए जोड़ा जाएगा। प्रत्‍येक सीएससी 5 गणनाकार बनाएंगे जिन्हें आर्थिक सर्वे के लिए सीएससी एसपीवी द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा और प्रमाणन दिया जाएगा।
सीएससी एसपीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दिनेश त्यागी ने कहा कि एक बार प्रमाणन पाने वाले गणनाकारों का इस्तेमाल सभी प्रकार के सर्वे के लिए किया जा सकेगा। भारत की जनगणना के लिए भी। त्यागी ने कहा कि यह पहली बार है जबकि सर्वे कागजरहित होगा और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके किया जाएगा। यह सर्वे 6 महीने में पूरा हो जाएगा जबकि पहले इसमें 2 साल लगते थे।
आर्थिक सर्वे की शुरुआत 1977 में हुई थी। तब से गुरुवार को तक सिर्फ 6 आर्थिक गणना की गई हैं, क्योंकि इसमें काफी अधिक काम करना होता तथा आंकड़े जोड़ने होते हैं।
-एजेंसियां

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