सरकार सूफीआं बाग़ प्लास्टिक फैक्टरी अग्नि काण्ड की जांच करायें – इंटक

लुधियाना। विगत दिनों सूफीआं बाग़ की एक Plastic Factory में भीषण अग्नि काण्ड हुआ जिसमे कई लोग मारे गए।इंटक की पंजाब महिला प्रधान अनीता शर्मा ने सरकार से मांग की है कि गोला प्लास्टिक पांच मंजिल फैक्टरी में कितने आदमी काम करते थे। पंजाब में प्लास्टिक के लिफाफे भाजपा और शिरोमणी अकाली दल ने बंद किए थे पर यह फैक्टरी प्रफुल्लित होकर इतनी बड़ी कैसे बन गई, प्लास्टिक के लिफाफे बंनाने का जो इतना कच्चा माल और रसायन यहाँ से निकला इससे साबित होता है कि यहाँ पर सारा काम फैक्ट्री एक्ट के विपरीत ही होता था जो इतना बड़ा फैक्ट्री में आग लगने का हादसा हुआ।
पंजाब इंटक लोकल बॉडी के प्रधान नरेंदर सिंह ने कहा कि फायर ब्रिगेड के वर्करों को अक्टूबर का वेतन नहीं मिला तो मुआवजा किस तरह मिलेगा दूसरी तरफ कच्चे तौर पर काम करने वाले फायरमैन को 8-9 हजार वेतन मिलता है, जिसके लिए उनकी जान भी चली गई। फायरमैन की रसायन की आग पर काबू पाने के लिए अलग तकनीक होती है, लेकिन नगर निगम के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है कि रसयान की आग पर काबू पा सके।
पंजाब के उपप्रधान चन्दर शेखर सहोता व जिला प्रधान मदन लाल जोश ने कहा कि फैक्ट्री मालिक गोला ने फायर ब्रिगेड को नहीं बताया कि यहाँ कितना रसयान जमा है। इसकी भी जांच भी की जाए। आग लगने का कारण क्या था, जब आग बुझ गई तो धमाके का क्या कारण था। यह भी प्रमाणित किया जाए कि इलाका उद्योगिक है कि आवासीय।
राकेश हंस जिला सचिव ने सरकार से मांग की है कि भविष्य में कोई ऐसी दुर्घटना न हो सभी आद्योगिक इकाइओ की नगर निगम जांच करे कि यह कितना हाउस टैक्स दे रही है और बिल्डिंग का नक्शा कितनी मंजिल का पास हुआ है। Plastic Factory के लिए फायर ब्रिगेड का एन ओ सी कब लिया गया आदि की जांच की जाए।