‘मन की बात’ में मोदी ने गिनाईं सरकार की उपलब्‍धियां, केरल की भी चर्चा की

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 47वें संस्करण में सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि हमने दशकों पुरानी मांग को पूरा करते हुए ओबीसी आयोग बनाया है और उसे संवैधानिक दर्जा दिया गया है।
यही नहीं, एससी-एसटी ऐक्ट संशोधन विधेयक को पारित कराने को भी सरकार की उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे गरीब दलितों का उत्पीड़न से बचाव हो सकेगा। रविवार को पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ करते हुए देशवासियों को रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मॉनसून सत्र में संसद की प्रोडक्टिविटी को लेकर पीएम ने कहा, ‘लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 118 पर्सेंट और राज्य सभा की 74 पर्सेंट रही। लोकसभा ने 21 और राज्यसभा ने 14 विधेयकों को पारित किया। इस सत्र में पिछड़ा और युवाओं को लाभ पहुंचाने के लिए कई विधेयकों को पारित किया गया। दशकों से ओबीसी आयोग की मांग चली आ रही थी लेकिन इस सरकार ने आयोग बनाने के साथ ही उसे संवैधानिक दर्जा देने का काम किया।’
अटल सरकार की उपलब्धियों को किया याद
पीएम मोदी ने कहा कि इस बार सबसे ज्यादा सुझाव अटल जी के जीवन पर प्रकाश डालने को लेकर मिले। एक ऐसे राष्ट्रनेता जो 10 साल से सक्रिय राजनीति से दूर थे, लेकिन 16 अगस्त के बाद देश और दुनिया ने देखा कि 10 साल की दूरी के बाद भी वह मन से दूर नहीं हुए। जो भावना उनके निधन के बाद लोगों के मन में उमड़ पड़ी, उससे उनके विशाल व्यक्तित्व सामने आया।
पीएम मोदी ने कहा, ‘अटल जी का एक अहम पहलू यह है कि उन्होंने राजनीतिक संस्कृति में बदलाव किया। 91वें संशोधन अधिनियम 2003 के लिए भारत हमेशा उनका ऋणी रहेगा। इससे दलबदल विरोधी कानून के तहत तय सीमा एक तिहाई से बढ़ाकर दो तिहाई कर दी गई। दलबदल पर अयोग्य ठहराने का भी प्रावधान जोड़ा गया। राज्यों की कैबिनेट में यह तय किया गया कि कुल विधायकों की 15 फीसदी संख्या ही मंत्रीपरिषद में शामिल हो सकती है। उन्होंने बजट के समय को शाम की बजाय सुबह कर दिया। इंडियन फ्लैग कोड बनाने काम भी उनके दौर में ही हुआ।’
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की दीं शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने कहा, ‘रक्षाबंधन सामाजिक सौहार्द का भी प्रतीक रहा है। भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास का यह पर्व है। कुछ दिनों बाद जन्माष्टमी भी आने वाला है। देश के कई हिस्सों में और खासतौर पर महाराष्ट्र में दही हांडी की तैयारियां भी युवा कर रहे होंगे।’
संस्कृत दिवस की भी दी बधाई
उन्होंने कहा कि संस्कृत ऐसी भाषा है, जिससे तमाम शब्दों की रचना संभव है। श्रावण की पूर्णिमा को संस्कृत दिवस मनाया जाता है। भारत की इस धरोहर को सहेजने वाले लोगों को बधाई। पीएम मोदी ने कहा कि संस्कृत के सुभाषित हमेशा प्रेरणा देते हैं। यही नहीं पीएम मोदी ने कहा कि भारत रत्न विश्वेश्वरैया के जन्मदिवस 15 सितंबर को इंजीनियर डे के तौर पर मनाया जाएगा।
केरल के साथ खड़ा है पूरा देश, आपदा से उबर जाएगा प्रदेश
पीएम मोदी ने कहा कि केरल में भीषण बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया। हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपनों को गंवाया है। मैं यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि पूरा देश आपके साथ खड़ा है। मुझे विश्वास है कि राज्य के लोगों के जज्बे और अदम्य साहस के दाम पर प्रदेश फिर खड़ा हो जाएगा।

मुस्‍लिम महिलाओं को मिलेगा इंसाफ

महिला सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश की नारी शक्ति के खिलाफ़ कोई भी सभ्य समाज किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकता और इसी उद्देश्य से दुष्कर्म के दोषियों के खिलाफ कठोर कानून बनाया गया है और मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक संबंधी विधेयक को संसद से मंजूरी को प्रयासरत हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति के खिलाफ़ कोई भी सभ्य समाज किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा में तीन तलाक़ संबंधी बिल को पारित कर दिया गया है हालांकि राज्यसभा के इस सत्र में इसे पारित कराना संभव नहीं हो पाया है।
मोदी ने कहा कि मैं मुस्लिम महिलाओं को विश्वास दिलाता हूँ कि पूरा देश उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी ताक़त से साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि बलात्कार के दोषियों को देश सहन करने के लिए तैयार नहीं है, इसलिए संसद ने आपराधिक कानून संशोधन विधेयक को पास कर कठोरतम सज़ा का प्रावधान किया है।
दुष्कर्म के दोषियों को कम-से-कम 10 वर्ष की सज़ा होगी, वहीँ 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार होने पर फांसी की सज़ा होगी।
-एजेंसियां

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