अस्‍पताल में भर्ती कवि गोपालदास नीरज की स्‍थिति में सुधार

आगरा। Chest इंफेक्शन के बाद अस्‍पताल में भर्ती कवि गोपालदास नीरज की स्‍थिति में अब सुधार दिखाई दे रहा है। अलीगढ़ में निवास कर रहे मशहूर कवि और गीतकार पद्मभूषण गोपालदास नीरज की तबीयत आज मंगलवार को अचानक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें सुबह कमला नगर स्थित साई हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया था, लेकिन chest इंफेक्शन के बाद सांस लेने में हो रही परेशानी के चलते आगरा के दीवानी चौराहा स्थित लोटस हॉस्पीटल में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक 94 साल के नीरज को चेस्ट में इंफेक्शन और सांस लेने में दिक्कत है।

मशहूर कवि और गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास नीरज की तबीयत में सुधार बताया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार अब स्थिति सामान्य हो रही है।
डाक्‍टर्स के अनुसार भोजन करते वक्त खाने के कण गले में फंसने के कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई थी जिसके कारण उन्हें हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि उन्हें Chest में संक्रमण की शिकायत भी है। ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ है। आगे की जांच के लिए उन्हें लोटस हॉस्पीटल में शिफ्ट किया गया है। मशीनों के माध्यम से नली की सफाई की जा रही है। जल्द ही हालत में सुधार होगा।

कवि नीरज के पुत्र अरस्तू प्रभाकर के अनुसार कवि नीरज की हालत चिंताजनक नहीं है। रात तक वे बिल्कुल ठीक थे। सुबह ही खाना खाते वक्त परेशानी हुई। एहतियातन उन्हें हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया है।

कवि के परिवार से बेटी डॉ. कुंदनिका शर्मा व अन्य लोग हॉस्पीटल में मौजूद हैं। लोगों को जैसे- जैसे कवि नीरज की तबियत की जानकारी हो रही है लोगों का तांता हॉस्पीटल में लगता जा रहा है।

बता दें कि दिसंबर 2017 में भी कवि नीरज की तबियत बिगड़ी थी। सर्दी के मौसम के कारण उन्हें सीने में बलगम की शिकायत हो गई थी। उस वक्त उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था।

महाकवि नीरज का जन्म इटावा जिले के ग्राम पुरावली में हुआ था। आज भले ही वो सहारा लेकर चलते हों लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचकर भी उनका लेखन और सामाजिक गतिविधियों में योगदान जारी है। उनके द्वारा लिखे गए कई नायाब गीत आज भी कर्णप्रिय हैं।

उप्र सरकार द्वारा उन्हें भारत भारती सम्मान से नवाजा जा चुका है। नीरज आज भी कवि सम्मेलनों में मंच पर अपनी रचनाओं का जादू बिखेरते हैं। उनकी तबियत बिगड़ने की खबर से उनके चाहने वाले खासे चिंतित हो गए।

नीरज के साथ पूर्व पार्षद व उनकी बेटी कुंदनिका शर्मा हैं। कल रात ही वे अलीगढ़ से आगरा आए थे। नीरज जी से किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा। डॉक्टर का कहना है उनकी हालत स्थिर है। सांस लेने में उन्हें तकलीफ हो रही है।

आज अखिलेश यादव नीरज जी से मिलने पहुंच रहे हैं। हालांकि अभी वे रामजीलाल सुमन के घर पर उन्हें सांत्वना देने पहुंचे हैं। उनकी पत्नी का हाल ही में देहांत हुआ था।

महाकवि नीरज का जन्म इटावा जिले के ग्राम पुरावली में हुआ था। आज भले ही वो सहारा लेकर चलते हों लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचकर भी उनका लेखन और सामाजिक गतिविधियों में योगदान जारी है। उनके द्वारा लिखे गए कई नायाब गीत आज भी कर्णप्रिय हैं। उप्र सरकार द्वारा उन्हें भारत भारती सम्मान से नवाजा जा चुका है।

नीरज आज भी कवि सम्मेलनों में मंच पर अपनी रचनाओं का जादू बिखेरते हैं। उनकी तबियत बिगड़ने की खबर से उनके चाहने वाले खासे चिंतित हो गए।
-एजेंसी

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