खुशखबरी: देश में बाघों की संख्या बढ़कर हुई 2967

नई दिल्‍ली। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशखबरी दी कि देश में बाघों की संख्या बढ़कर 2967 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने बाघों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य 4 साल पहले हासिल कर लिया है। प्रधानमंत्री ने अखिल भारतीय बाघ अनुमान रिपोर्ट 2018 जारी करते हुए कहा कि करीब 3000 बाघों के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सुरक्षित ठिकाना है। सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व तमिलनाडु को सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिजर्व का पुरस्कार दिया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले 2014 में बाघों की गिनती हुई थी। तब इनकी कुल संख्या 2226 थी जबकि 2010 में देश में 1706 बाघ थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 9 साल पहले सेंट पीटर्सबर्ग में बाघों की संख्या 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया गया था, हमने 4 साल पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया। है। यह संकल्प से सिद्धि का बेहतरीन उदाहरण है। जब भारत के लोग कुछ पाने का लक्ष्य रखता है तो उन्हें हासिल करने से कोई रोक नहीं सकता है।
पीएम ने कहा, ‘जब 14-15 साल पहले यह खबर आई थी कि देश में केवल 1400 बाघ बचे हैं, तो यह बहुत बड़ी चिंता की बात थी। एक बहुत मुश्किल काम सामने था लेकिन जिस तरह संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीक के साथ इस मुहिम को आगे बढ़ाया गया वह तारीफ के काबिल है। बाघों की तीन चौथाई संख्या का बसेरा आज हिंदुस्तान है।’
विकास के साथ पर्यावरण
पीएम ने कहा वाइल्ड लाइफ को समृद्ध करने का यह अभियान केवल बाघों तक ही सीमित नहीं है। गीर के शेरों और हिमतेंदुओं को बचाने की मुहिम भी चल रही है। पीएम ने कहा कि भारत तेज विकास के साथ पर्यावरण को भी समृद्ध बना रहा है।
शिव और गणेश का उदाहरण पीएम ने कहा कि हमें तो हजारों साल से सहअस्तित्व की शिक्षा दी गई। सावन है, सोमवार है। शिव जी के गले में सांप है तो उन्हीं के परिवा में गणेश जी की सवारी चूहा है। शिव जी ने अपने परिवार से सहअस्तित्व की शिक्षा दी है। हमारे देवी-देवता के साथ पशु-पक्षी भी जुड़े हैं।
एक साथ टाइगर से टाइगर जिंदा है तक…
पीएम ने बॉलिवुड की दो फिल्मों के टाइटल का जिक्र करते हुए कहा जो कहानी ‘एक था टाइगर’ से शुरू होकर ‘टाइगर जिंदा है’ तक पहुंची है, वह यहीं खत्म नहीं होनी चाहिए। कभी सिनेमा वाले गाते थे ‘बागों में बहार है’ अब गाएंगे ‘बाघों में बहार है’। बाघों के संरक्षण के लिए और प्रयास करने की जरूरत है।
-एजेंसियां

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